सरायरंजन (समस्तीपुर) : मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के हुरहिया गांव में सोमवार को पांच वर्षीय एक बच्चे के अपहरण के बाद जमकर बवाल हुआ. घटना के विरोध में ग्रामीणों ने हुरहिया व मुसरीघरारी चौक पर एनएच-28 को जाम कर दिया. मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस को भी लोगों ने खदेड़ दिया. पुलिस ने सख्ती जताने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस पर रोड़ेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को आत्मरक्षा के लिए फायरिंग करनी पड़ी.
घटना की सूचना पर पहुंचे सदर अंचल निरीक्षक कुमार ब्रजेश, मुफस्सिल अंचल निरीक्षक कुमार कीर्ति, मुफस्सिल थानाध्यक्ष विक्रम आचार्य व मुसरीघरारी पुलिस ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भीड़ को शांत किया. दो घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से जाम हटाया गया. इसके बाद पुलिस की टीम अगवा बच्चे की बरामदगी व अपहर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की.
अपहृत बच्चा हुरहिया निवासी रंधीर पासवान का पांच वर्षीय पुत्र रंजन कुमार बताया जाता है. घटना को लेकर बताया जाता है रंजन सोमवार की दोपहर घर के पीछे गाछी में बच्चों के साथ खेल रहा था. इसी बीच दो बाइक से चार अपराधी पहुंचे और रंजन को उठाकर मुसरीघरारी की ओर भाग खड़े हुए. घटनास्थल पर मौजूद अन्य बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने अपराधियों का पीछा भी किया, लेकिन पकड़ने में असफल रहे. इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना मुसरीघरारी पुलिस को दी.
लोगों का कहना है कि घटना के वक्त सड़क पर मुसरीघरारी पुलिस की गश्ती गाड़ी खड़ी थी. लेकिन अपराधियों को खदेड़ने का भी प्रयास नहीं किया़ शिकायत करने पर पुलिस का जवाब ग्रामीणों के अनुकूल नहीं था. इसके कारण ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया. ग्रामीणों ने हुरहिया गांव के समीप सड़क पर उतर आये. लोगों ने पूरी तरह से आवागमन ठप कर दिया. घटना से आक्रोशित ग्रामीण तत्काल बच्चे की बरामदगी की मांग को लेकर अड़े हुए थे.
लोगों को हटाने के लिए जबस्थानीय पुलिस पहुंची तो भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया. बताया जाता है कि पुलिस ने भीड़ को डराने के लिए जब अपने-अपने हथियार तान दिये तो भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिस पर रोड़ेबाजी शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने भी ग्रामीणों पर पहले रोड़ेबाजी शुरू कर दी. इसमें दोनों ओर से लोग चोटिल हो गये, जिससे मामला और बिगड़ गया. आत्मरक्षार्थ एवं भीड़ को तितरबितर करने के लिए पुलिस को हवा में पांच चक्र गोलियां भी चलानी पड़ी.
बाद में पुलिस के वरीय अधिकारियों के पहुंचने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल पर भीड़ को शांत किया गया़ समाचार लिखे जाने तक बच्चे का पता नहीं चल पाया था. पुलिस घटना की छानबीन में जुटी थी. परिजनों ने घटना को समाचार लिखे जाने तक शिकायत दर्ज नहीं करायी थी, जिस वजह से घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया था.
