समस्तीपुर : समस्तीपुर रेल मंडल के स्थापना के 50 साल गुरुवार को पूरे हो गये. पांच सितंबर 1969 को अस्तित्व में आया था. सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब था जब 1920 में महात्मा गांधी रेल गाड़ी से मुजफ्फरपुर से समस्तीपुर पहुंचे थे. उस ऐतिहासिक क्षण के बाद आज तक समस्तीपुर में रेल के विकास ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उक्त बातें मंडल रेल प्रबंधकअशोक माहेश्वरी ने गुरुवार को रेल मंडल कार्यालय के सभागार में स्वर्ण जंयती समारोह का केक काटते हुए कही.
1971 के युद्ध में रेल मंडल ने बनाया था टैंक ओपन वैगन, अब अटल कोसी महासेतु तैयार : डीआरएम

1971 के युद्ध में रेल मंडल ने बनाया था टैंक ओपन वैगन, अब अटल कोसी महासेतु तैयार : डीआरएम
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समस्तीपुर : समस्तीपुर रेल मंडल के स्थापना के 50 साल गुरुवार को पूरे हो गये. पांच सितंबर 1969 को अस्तित्व में आया था. सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब था जब 1920 में महात्मा गांधी रेल गाड़ी से मुजफ्फरपुर से समस्तीपुर पहुंचे थे. उस ऐतिहासिक क्षण के बाद आज तक समस्तीपुर में रेल के विकास ने पीछे […]
श्री माहेश्वरी ने कहा कि साल 1971 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान सेना के लिये 12 चक्कों वाला टैंक ओपन वैगन का निर्माण किया था. वहीं अब उत्तर बिहार में रेलवे के विकास के लिये कोसी पर अटल कोसी महासेतु बनकर तैयार हो गया. जिसके बाद उत्तर भारत व नॉर्थ इस्ट राज्यों के बीच की दूरी घटकर 300 किलोमीटर कम हो जायेगी. रेल मंडल अपने सतत विकास को लेकर उंचाई छू रहा है. 390 किमी रेल लाइन का विद्युतीकरण, नेपाल व भारत के बीच व्यापारिक व सामारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नेपाल के वीरगंज व जनकपुर धाम को जोड़ा जा रहा है.
इसके आलाव मधुबनी पेंटिंग व स्थानीय लोक कलाओं को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है. आज 15 जिलों में रेल परिवहन का नियंत्रण समस्तीपुर रेल मंडल की ओर से की जा रही है. जिसके लिये यहां के कर्मियों का सहयोग सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहा है. इस अवसर पर एडीआरएम एसआर मीणा, सीनियर डीपीओ ओम प्रकाश सिंह, सीनियर डीसीएम विरेंद्र कुमार, सीनियर डोओएम अमरेश कुमार, सीनियर डीएमइ कॉ अनिल प्रकाश, डीएमइ पावर चंद्रशेखर प्रसाद, पप्पू जी सहित सभी कर्मी उपस्थित थे.