समस्तीपुर : मंडल कारा के अस्पताल में बीमारी के नाम पर कैदियों को ऐशो-अराम मुहैया कराया जा रहा है़ बीमार नहीं रहने के बावजूद जेल अस्पताल में कैदी भर्ती हो जाते हैं. कैदियों को यह सुविधा मंडल कारा में पदस्थापित चिकित्सक के मिलीभगत से उपलब्ध हो रहा था. सोमवार को मंडल कारा के औचक निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ है़ निरीक्षण के बाद से मंडल कारा प्रशासन व कैदियों में हड़कंप मचा हुआ है़ जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं.
बीमार बनकर जेल अस्पताल में आराम फरमा रहे थे कैदी
समस्तीपुर : मंडल कारा के अस्पताल में बीमारी के नाम पर कैदियों को ऐशो-अराम मुहैया कराया जा रहा है़ बीमार नहीं रहने के बावजूद जेल अस्पताल में कैदी भर्ती हो जाते हैं. कैदियों को यह सुविधा मंडल कारा में पदस्थापित चिकित्सक के मिलीभगत से उपलब्ध हो रहा था. सोमवार को मंडल कारा के औचक निरीक्षण […]

बता दें कि सोमवार को जिलाधिकारी श्री शुभंकर ने सिविल सर्जन डॉ़ सियाराम मिश्रा एवं उनकी टीम के साथ मंडल कारा का निरीक्षण किया़ इस दौरान खासकर जेल अस्पताल की व्यवस्था एवं वहां भर्ती मरीजों की जांच पड़ताल की गयी़ अस्पताल में भर्ती मरीज को किस प्रकार की बीमारी है़ उनको अस्पताल में भर्ती किया जाना कितना उचित है.
किन परिस्थितियों में उन कैदियों को जेल अस्पताल में रखा जा रहा था, इन चीजों की निरीक्षण के दौरान बारीकी से जांच की गयी़ बताया जाता है कि जेल अस्पताल में दो चिकित्सक डॉ़ आलमगीर एवं डॉ़ अमरेश पदस्थापित हैं. सोमवार को डॉ़ आलमगीर की ड्यूटी थी. निरीक्षण के दौरान करीब एक दर्जन से अधिक बंदी जेल अस्पताल में भर्ती थे. इनमें दो-तीन बंदी ऐसे पाये गये जो बीमार नहीं थे, और पूरी तरह से तंदरुस्त नजर आ रहे थे. कुछ बंदियों को बीमारी से ठीक होने के बावजूद ओवर स्टे किया गया था़