सदर अस्पताल परिसर में नहीं था एंबुलेंस का चालक
अस्पताल प्रबंधक की पहल पर सवा घंटे बाद एंबुलेंस से भेजा गया डीएमसीएच
समस्तीपुर : सदर अस्पताल में शुक्रवार की सुबह गंभीर रूप से बीमार डेढ़ वर्ष का एक बच्चा रेफर किये जाने के बाद एंबुलेंस के इंतजार में घंटेभर तड़पता रहा़ बच्चा रह रह कर काफी जोर से चिल्ला उठता था लेकिन बेबश मां उसे सीने से लगाकर चुप कराने का असफल प्रयास कर रही थी़ जिस कारण वहां लोगों की भीड़ इक्ट्ठा हो गयी थी. वहीं बच्चे के परिजन के साथ-साथ कर्मियों ने भी अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस के चालक व कर्मी को खोजने का काफी प्रयास किया लेकिन एंबुलेंस के चालक व कर्मी नहीं मिले.
बाद में बच्चे की मां गंभीर रूप से बीमार अपने बच्चे को लेकर एंबुलेंस के पीछे बैठ गयी. घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद ने बच्चे की हालत को देखते हुए एक बार फिर बच्चे को एइएस वार्ड में भर्ती करवा कर तत्काल उसे ऑक्सीजन मुहैया कराया़ इसके बाद एंबुलेंस चालक व कर्मियों को फोन करके बुलाया गया. करीब सवा घंटे के बाद बच्चे को एंबुलेंस से डीएमसीएच भेजा गया.
बताया जाता है कि 28 अगस्त को सिंघिया थाना क्षेत्र के मिश्रौलिया निवासी सूरज दास एवं उसकी पत्नी रिंकू देवी ने अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र विक्की को तेज बुखार व चमकी की शिकायत पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया था. दो दिनों तक इलाजरत रहने के बावजूद कोई सुधार नहीं होने पर शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे चिकित्सक ने उसे डीएमसीएच रेफर कर दिया था. इधर, इस घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद ने कहा कि बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर किया गया था़ एंबुलेंस चालक व कर्मी के गायब रहने के कारण गंभीर बच्चे को भेजने में देरी हुई. इसकी शिकायत वरीय अधिकारियों से की जायेगी.
