समस्तीपुर :सदर अस्पताल में बुधवार की सुबह शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गयी. इसमें प्रसव कक्ष का स्टोर व परिवार नियोजन परामर्श केंद्र धू-धू कर जल गया़ सुबह करीब 7:05 बजे स्टोर रूम से आग की लपटें व धुआं निकलते देख मरीजों में भगदड़ मच गयी. प्रसव कक्ष, महिला वार्ड, सिजेरियन वार्ड, बच्चा वार्ड, सामान्य वार्ड व एसएनसीयू वार्ड में भर्ती मरीज व परिजन शोर मचाते हुए जान बचाकर भागने लगे.
समस्तीपुर सदर अस्पताल के स्टोर रूम में लगी आग, मची भगदड़
समस्तीपुर :सदर अस्पताल में बुधवार की सुबह शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गयी. इसमें प्रसव कक्ष का स्टोर व परिवार नियोजन परामर्श केंद्र धू-धू कर जल गया़ सुबह करीब 7:05 बजे स्टोर रूम से आग की लपटें व धुआं निकलते देख मरीजों में भगदड़ मच गयी. प्रसव कक्ष, महिला वार्ड, सिजेरियन वार्ड, बच्चा वार्ड, […]

इससे इंडोर में अफरातफरी मच गयी. घटना के समय इंडोर के सभी इमरजेंसी गेट पर ताला लगा हुआ था. मरीजों के निकलने का मात्र एक रास्ता ही खुला था. महिलाओं को रोते-चीखते देख मौके पर मौजूद सारी की आशा कार्यकर्ता मंजू देवी के साथ ममता बिंदु व सुनैना ने शोर मचाकर लोगों को घटना की जानकारी दी़ इसके बाद आसपास केमोहल्ले से बड़ी संख्या में लोग पहुंच गये.
बाद में मौके पर मौजूद अस्पताल के जेनेरेटर चालक रायजी ने कुछ गेट का ताला तोड़कर महिलाओं को बाहर निकाला. कर्मियों ने फायर ब्रिगेड को सूचना देकर एसएनसीयू में रखे एक पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया. लेकिन, कुछ ही मिनटों में आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी. बाद में घटना की सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों की मदद से डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
यह सामान व उपकरण जले
अगलगी में प्रसव कक्ष के स्टोर व परिवार नियोजन कक्ष में रखे लाखों के उपकरण व दवा के साथ सारे सामान जल कर राख हो गये. जले हुए उपकरण व सामानों में एसी, ऑटो क्लेब मशीन, सेक्शन मशीन, बेबी वेट मशीन, एडल्ट वेट मशीन, रबड़ सीट, दवा, बिस्किट, ग्लूकोज, सिरिंज, कॉटन, सिंटो, रूई, साइडेक्स सोल्यूशन, एचआइवी कीट, कैपगेट, गलब्स, गॉज कॉटन एवं इंट्राकेट आदि शामिल हैं.
सिविल सर्जन ने लिया जायजा
घटना की सूचना पर सिविल सर्जन डॉ सियाराम मिश्रा सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने उपाधीक्षक डॉ एएन शाही, डीपीएम एसके दास, अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद के साथ घटना का जायजा लिया. साथ ही, इस घटना के दौरान मरीजों को हुई परेशानियों को देखकर सभी इमरजेंसी गेट के तालों की चाबी गेट के पास रखने का निर्देश दिया़ ताकि जरूरत पर उन गेट को जल्दी से जल्दी खोला जा सके.