अपराधियों ने सिर काट कर दी थी विकास की हत्या
30 अप्रैल को नदी किनारे सारी ढाब में मिला था विकास का सिर
एक मई को कटे हुए सिर की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई थी पहचान
समस्तीपुर : विकास हत्याकांड में घटना के नौ दिनों बाद भी पुलिस को हत्यारों की पहचान करने में सफलता हाथ नहीं लगी है़ जबकि इस हत्याकांड को सुलझाने में एसपी हरप्रीत कौर के आदेश पर स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिले के डीआइयू टीम की टेक्निकल सेल भी लगी हुई है.
टेक्निकल सेल मृतक के मोबाइल लोकेशन के साथ-साथ उसके नंबरों की सीडीआर निकाल कर हत्याकांड से जुड़े तार को निकालना चाह रही है. लेकिन अभी तक पुलिस को इस मामले में कोई सफलता हाथ नहीं लगी है़ इतना ही नहीं विकास की पत्नी का मोबाइल भी पुलिस को हाथ नहीं लगा है. प्रियंका के मोबाइल मिलने से पुलिस को कई साक्ष्य मिलने की उम्मीद है.
प्रियंका ने अपना मोबाइल भी विकास के पास ही होने की बात कही थी. लेकिन उसका मोबाइल विकास के पास से नहीं मिलना मामले को पेचीदा बना रहा है़ हालांकि विकास की पत्नी प्रियंका ने पुलिस को एक अपना और एक विकास का नंबर पुलिस को बताया है. जिसकी जांच की जा रही है.
किराये के मकान में रहता था विकास: विकास बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र के नामोपुर रुदौली निवासी विजय साह का पुत्र था. समस्तीपुर में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर कन्हैया चौक के पास एक किराये के मकान में दूसरी पत्नी प्रियंका के साथ रहता था़ पत्नी के अनुसार विकास मुंबई में मजदूरी करता था और घटना से कुछ दिन पहले ही समस्तीपुर पहुंचा था. विकास के पिता एवं पत्नी के मुताबिक उसकी किसी से दुश्मनी भी नहीं थाी.
29 अप्रैल की शाम से नहीं लौटा था घर : विकास 29 अप्रैल की शाम पांच बजे के करीब से घर से गायब था. बता दें कि अपराधियों ने विकास की गर्दन काट कर हत्या कर दी थी़ 30 अप्रैल को मथुरापुर ओपी क्षेत्र के सारी ढाब में बूढ़ी गंडक नदी किनारे विकास का कटा हुआ सिर मिला था. इसके 24 घंटे बाद एक मई की शाम उसी स्थल के समीप नदी में विकास का सिर कटा धर भी बरामद हुआ था. उसी दिन कटे हुए सिर की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विकास की पत्नी प्रियंका देवी ने उसकी पहचान की थी.
