ए ग्रेड में 11.34 % बच्चे सफल उदासीनता. शिक्षा में नहीं हो रहा गुणात्मक सुधार

प्रखंड मूल्यांकन में बच्चे ए बी सी डी ई समस्तीपुर 35189 3755 18928 10946 1156 404 विद्यापतिनगर 24040 2549 14483 6505 405 98 सिंघिया 33980 1580 19278 11362 935 825 मो.नगर 24654 4763 8517 7979 2407 988 मोहनपुर 15909 1241 7952 5684 866 166 विभूतिपुर 50896 5038 27725 15004 1916 1213 खानपुर 32333 5455 19337 […]

प्रखंड मूल्यांकन में बच्चे ए बी सी डी ई

समस्तीपुर 35189 3755 18928 10946 1156 404
विद्यापतिनगर 24040 2549 14483 6505 405 98
सिंघिया 33980 1580 19278 11362 935 825
मो.नगर 24654 4763 8517 7979 2407 988
मोहनपुर 15909 1241 7952 5684 866 166
विभूतिपुर 50896 5038 27725 15004 1916 1213
खानपुर 32333 5455 19337 6734 719 88
ताजपुर 22977 2828 15866 3944 262 77
बिथान 25383 1541 13843 8783 827 389
कल्याणपुर 46026 8964 26948 9147 733 234
प्रखंड मूल्यांकन में बच्चे ए बी सी डी ई
पटोरी 28707 2416 16992 8187 845 267
पूसा 17349 2313 9394 4738 758 146
वारिसनगर 30611 4037 18493 6802 687 592
मोरवा 23940 3114 15473 4880 255 218
हसनपुर 33549 2255 19426 10346 1028 494
रोसड़ा 28088 5530 10608 8663 2249 1038
शिवाजीनगर 29240 3404 15313 9094 1162 267
सरायरंजन 35997 3115 22096 9397 947 442
उजियारपुर 40063 3622 19915 13192 1821 1513
दलसिंहसराय 30181 4324 18038 6818 705 296
समस्तीपुर : लाख कोशिश व अभियान के बावजूद जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में चल रहे मिशन गुणवत्ता की पोल वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट कार्ड ने खोल दी है. डेढ़ माह पूर्व कक्षा एक से आठवीं तक के छात्रों के हुए वार्षिक हस्तक मूल्यांकन में पिछले साल की अपेक्षा कुछ बदलाव तो जरूर हुआ, लेकिन ए ग्रेड में सफल होने वाले छात्रों का फीसदी एक बार फिर दहाई में ही पहुंच कर रह गया है. सिर्फ 11.34 फीसदी छात्रों को ही ए ग्रेड प्राप्त हो सका है. 20626 छात्र-छात्राओं ने ए ग्रेड प्राप्त करने में सफलता अर्जित की है. वहीं 53.51 फीसदी छात्रों को बी, 29.30 फीसदी छात्रों को सी, 3.99 फीसदी छात्रों को डी व 1.86 फीसदी छात्रों को ई ग्रेड प्राप्त हो सका है.
सबसे अधिक संख्या बी व सी ग्रेड पाने वाले छात्रों की है. इसके पीछे समय पर छात्रों को सरकार द्वारा किताब उपलब्ध नहीं कराना व दक्ष तथा काबिल शिक्षकों का अभाव मुख्य वजह मानी जा रही है. यही नहीं, छात्रों के नामांकन को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 में 12 से 18 मार्च तक बच्चों का वार्षिक मूल्यांकन हुआ था. इसके बाद रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया.
28 हजार 901 बच्चे रहे अनुपस्थित . इस बार के वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा में नामांकित 210713 में से महज 181812 बच्चे ही शामिल हो सके हैं. वहीं 28 हजार 901 बच्चे इस बार भी किसी न किसी कारण से अनुपस्थित रहे हैं. इतनी बड़ी तादाद में वार्षिक हस्तक मूल्यांकन से नामांकित बच्चों के
गायब रहने से कई तरह की शंकाएं भी पैदा होने लगी हैं. हालांकि, विभागीय अधिकारी बच्चों की अनुपस्थिति को लेकर उनके रिश्तेदारी में चले जाने की दलील दे रहे हैं. हस्तक मूल्यांकन में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं होने के बाद विभाग अब इसके कारण व निवारण में जुट गया है.
स्कूलों में चलेगी विशेष कक्षा . शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो सी, डी व ई ग्रेड लाने वाले छात्रों को सबसे कमजोर की श्रेणी में रखा गया है. उनके लिए एमडीएम के बाद दो घंटी विशेष कक्षा चलाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उनका शैक्षणिक रूप से समग्र विकास हो सके व नये शैक्षणिक सत्र में रिजल्ट को और बेहतर बनाया जा सके. रिजल्ट को देख अभिभावक अब अपना माथा ठोकने लगे हैं.
सरकारी विद्यालयों में खराब शैक्षणिक स्थिति से उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है. हालांकि, विभाग अभी भी रिजल्ट को एजुकेशन क्वालिटी के दृष्टिकोण से संतोषजनक मान रहा है. मजे की बात यह कि चालू शैक्षणिक सत्र के शुरू हुए डेढ़ माह से भी अधिक समय हो गए. अगले कुछ ही दिनों में स्कूलों में गर्मी की छुट्टी होने वाली है, लेकिन न तो किताब खरीदने के लिए बच्चों को खाते में पैसा ही मिल सका है, न दुकान का चयन हो पाया है. जहां बच्चों को किताब खरीदनी है
. इस बार भी बच्चों को बगैर किताब पढ़े ही अपना भविष्य संवारने की संभावना प्रबल बनती जा रही है. ऐसी स्थिति में उन्हें भाषा व गणित का ज्ञान विभाग कैसे कराएगा, यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है.
बगैर किताब पढ़े दी थी परीक्षा . बीते शैक्षणिक वर्ष में कक्षा एक से आठवीं तक के अधिकांश बच्चों को बिहार टेक्ट्स बुक की किताब नसीब नहीं हो पायी थी. पूरे वर्ष बच्चों को बगैर किताब ही पढ़ाई करनी पड़ी. जिले को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की तरफ से टेक्ट्स बुक की जो किताबें मिली भी वह जरूरतमंद छात्रों की तुलना में काफी कम रही. यहां तक कुछ कक्षा
के लिए एक भी पुस्तक मुहैया नहीं करायी गयी थी.
‘वार्षिक हस्तक मूल्यांकन में शामिल सभी छात्रों को नियमानुकूल ग्रेडवार पास किया गया है. ग्रेड डी व ई में शामिल छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन के उपरांत प्रतिदिन दो घंटी विशेष कक्षाएं संचालित की जायेंगी. बीइओ के माध्यम से सभी प्रधानाध्यापकों को विशेष कक्षा संचालित करने का निर्देश दिया गया है.
सत्येंद्र झा, डीइओ,समस्तीपुर’

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