ए वन श्रेणी के स्टेशनों पर हेल्पलाइन डेस्क होगा स्थापित

समस्तीपुर : रेलवे महिलाओं को विशेष सुरक्षा व सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से महिला सुरक्षा और सुविधा वर्ष मना रहा है. स्टेशन व ट्रेनों में महिला यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान की जायेगी. पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि अब महिला बोगी का रंग भी बदला रहेगा, जिसमें बड़े अक्षरों […]

समस्तीपुर : रेलवे महिलाओं को विशेष सुरक्षा व सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से महिला सुरक्षा और सुविधा वर्ष मना रहा है. स्टेशन व ट्रेनों में महिला यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान की जायेगी. पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि अब महिला बोगी का रंग भी बदला रहेगा, जिसमें बड़े अक्षरों में महिला कोच लिखा रहेगा. बोगियों के अंदर खिड़कियों को भी मजबूत बनाया जायेगा. अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को बोगियों के बीच में ही बर्थ आरक्षित की जायेगी.
दिन ही नहीं, रात के समय भी महिला बोगियों की निगरानी करायी जायेगी, जिसमें महिला स्कोर्ट शामिल होगा. रेलवे सुरक्षा बल की महिला स्कोर्ट टीम तैयार की जा रही है. श्री कुमार ने बताया कि फिलहाल महिलाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे स्तर पर ऑल इंडिया सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर 182 जारी किया गया है. इस नंबर पर सूचना मिलते ही कार्रवाई होगी. वहीं ट्रेनों की महिला बोगियों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने की योजना है. इनमें अलग से प्रसाधन केंद्र (यूरिनल) भी स्थापित होगा. कंप्यूटराइज्ड पैनिक बटन भी लगाया जायेगा. बटन दबाते ही लोको पायलटों, कोच कंडक्टर, स्कोर्ट व गार्ड को सूचना पहुंच जायेगी. महिलाओं की सुविधा के लिए अलग से एक सिंगल सिक्युरिटी एप तैयार किया जा रहा है. मोबाइल के जरिये इस एप के माध्यम से महिलाएं अपनी बात संबंधित अधिकारियों और रेलवे तक पहुंचा सकती हैं. यही नहीं, यह एप उनका सहयोग भी करेगा. रेलवे में बच्चों के लिए भी हेल्पलाइन डेस्क बनेगा. देश के सभी ए वन श्रेणी के स्टेशनों पर हेल्पलाइन डेस्क स्थापित किया जायेगा. महिलाओं की सुरक्षा व सुविधाओं की निगरानी रेलवे बोर्ड और क्षेत्रीय रेलवे की वरिष्ठ महिला अधिकारियों की टीम करेगी.
होगी जांच, मिलेंगी सुविधाएं
समस्तीपुर : जिले के नीरपुर पंचायत में बेड़ियों में बंधे रामबाबू कापर की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. मंगलवार की सुबह प्रभात खबर में इससे संबंधित समाचार प्रकाशित होने के बाद सदर एसडीओ एके मंडल ने बताया कि उसके स्वास्थ्य परीक्षण के लिये निर्देश भेजे जा रहे हैं. चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर उसे बेहतर इलाज व अन्य सुविधाएं दी जायेंगी. बताते चलें कि नीरपुर पंचायत में छबीला कापर के 40 वर्षीय पूत्र रामबाबू कापर विगत 12 साल से मानसिक रोग से ग्रसित है. इलाज के अभाव में उसे बीते 10 वर्षों से बेड़ियों में जकड़कर रखा गया है. सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अनुसार मानसिक रोग से ग्रस्ति मरीजों के लिये पेंशन का भी प्रावधान है. हालांकि, इसके उपचार की पहली व्यवस्था की जायेगी. सीएस की देखरेख में गठित चिकित्सकों की टीम जांच की अनुशंसा पर इसे कोइलवर स्थित मानसिक चिकित्सालय भेजा जा सकेगा, जहां इसके दवा, खाने व देखरेख की व्यवस्था होगी. विगत माह चिकित्सकों के निर्देश पर तीन लोगों को कोइलवर भेजा गया था. ऐसे लोगों को मानसिक दिव्यांगता के लिये प्रति माह 400 रुपये पेंशन दिया जाता है. यह उसे 79 साल तक की आयु तक मिलता है. इसके बाद इसे 500 रुपये प्रति माह बढ़ाकर किया जाता है.
सरकार से करेंगे बात
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह उजियारपुर के सांसद नित्यानंद राय ने कहा कि मामला अखबार के माध्यम से उनके संज्ञान में भी आया है. बीमार को बेहतर इलाज के लिये प्रयास करेंगे. इसके लिए सरकार से बात करने की बात कही. इसके साथ ही उसके परिवार वालों को सभी सरकारी सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में कदम उठाने की बात कही.
डिप्रेशन से बिगड़ती है हालत : डॉ राय
सदर अस्पताल के चिकित्सक डाॅ बीपी रॉय ने बताया कि लगतार डिप्रेशन में रहने से लोगों की मानसिक हालात बिगड़ जाती है. हर आदमी का मेंटल थ्रेसहोल्ड अलग-अलग रहता है. ऐसे में शरीर की तनाव बर्दास्त करने की क्षमता अलग-अलग रहती है. जब तनाव जरूरत से ज्यादा हो जाता है, तो लोग मानसिक विकार से ग्रसित हो जाते हैं. मेडिकल साइंस में इसे सिजोफ्रेनिया के नाम से भी जाना जाता है. इसमें मरीज आसपास के लोगों का ध्यान खुद की ओर आकर्षित करना चाहता है. ऐसे में जब उसे सफलता नहीं मिलती है, तो वह हिंसक हो जाता है. ऐसे मरीजों का इलाज संभव है. उसे एंटी डिप्रेशन दवा दी जाती है. हालांकि, ऐसे मरीजों की चिकित्सा काफी लंबे समय तक चलती है. घरवालों को भी मानसिक व शारीरिक रूप से इसके लिये तैयार रहना जरूरी है.

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