मोरवा : प्रखंड का गुनाई बसही पंचायत विगत पांच दिनों से सुलग रहा है. मौरा में दो दिन पूर्व हुई घटना की विभीषिका लोगों ने भूला भी नहीं था कि रविवार को गुनाई बसही और हरपुर भिंडी के लोग आमने-सामने आ गये. उन्माद से उठी आग को लोगों ने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उसमें लोगों को सफलता नहीं मिली. करीब तीन घंटे तक स्थानीय प्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन के बीच चली मैराथन वार्ता के बाद यह तय हुआ कि दोनों ही गुट के लोग प्राथमिकी दर्ज करायेंगे.
एक समय तो लग रहा था कि मामले का शांतिपूर्ण निबटारा हो जायेगा और गुनाई बसही के लोग घटना के आरोपित रंजीत सहनी को भरी पंचायत में बुलाने को कह रहे थे, लेकिन बात इस पर नहीं बना और बात बनते-बनते बिगड़ गयी. पुलिस भी इतनी बड़ी घटना की अनदेखी नहीं कर सकती थी. इसलिए पुलिस प्रशासन भी कार्रवाई करने की बात कह रही थी. मामूली सी बात से उठा विवाद इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि बूढ़े, बच्चे, महिला व जवान हाथों में लाठी डंडा लेकर एक दूसरे पर ऐसे टूट पड़े जैसे बरसों से एक दूसरे के जानी दुश्मन हों. एक ही चौक पर चाय की दुकान पर चाय की साथ-साथ चुस्कियां लेने वाले लोगों पर आज खूनी भूत सवार नजर आ रहा था और लोगों ने बरसों के अपने संबंधों को भुला रिश्ते को तार-तार कर दिया. लंबे समय तक पुलिस और पब्लिक की ओर से पहल तो हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला और लोग एक बार फिर अपनी अमन चैन की जिंदगी छोड़ कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाने के पृष्टभूमि तैयार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा. घटना के बाद गुलजार रहने वाले भतुअजांन चौक पर खामोशी पसरी है. लोग पूछ रहे हैं कि इस चौक पर किसकी नजर लग गयी है. इससे चार दिनों से यह गांव अंदर ही अंदर सुलग रहा है. पूर्व मंत्री बैधनाथ सहनी, पूर्व मुखिया विपिन सहनी, मुखिया पति सुरेंद्र राय अटल, देवानंद मंडल, महेश कॉपर, प्रभात कुमार, उदयनारायण मंडल समेत पुलिस के आला अधिकारी डीएसपी प्रीतिश कुमार समेत पांच थाना के थानाध्यक्ष व दर्जनों पुलिसकर्मी घटना के बाबत अमन शांति के लिये प्रयास कर रहे, ताकि बरसों से बने संबंधों में दरार न आने पाये.
