बाजार पर असर, 20% कारोबार प्रभावित
समस्तीपुर : अब बैंकों और एटीएम में कैश किल्लत का सीधा असर बाजारों पर पड़ने लगा है. लोग एटीएम से लोग खाली हाथ लौट रहे हैं. बैंकों के काउंटर से भी पैसे नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में आमजन के साथ व्यवसायी वर्ग को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है. सर्राफा, कपड़े, गल्ले से लेकर […]
समस्तीपुर : अब बैंकों और एटीएम में कैश किल्लत का सीधा असर बाजारों पर पड़ने लगा है. लोग एटीएम से लोग खाली हाथ लौट रहे हैं. बैंकों के काउंटर से भी पैसे नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में आमजन के साथ व्यवसायी वर्ग को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है. सर्राफा, कपड़े, गल्ले से लेकर अन्य बाजार भी पूरी तरह से लड़खड़ा गये हैं. स्थिति यह है कि व्यवसाय 20 फीसदी तक प्रभावित हुआ है. बाजार में ग्राहकों की संख्या में भी काफी कमी आयी है.
समस्तीपुर शहर में अभी भी ज्यादा से ज्यादा लोग कैश में ही समान की खरीदारी करते हैं. ऐसे में कैश की किल्लत ने सभी को परेशानी में डाल दिया है. जिले में छोटे-छोटे व्यवसायियों की संख्या अधिक है और उनका ज्यादातर कारोबार नकदी से ही होता है. ऐसे में कैश नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गयी है. शहर के ताजपुर रोड स्थित व्यवसायी कृष्ण मुरारी, सुमित कुमार आदि ने बैंकों के एटीएम के साथ-साथ बैंक के काउंटर से भी कैश नहीं मिलने पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी का संयोजक है और सबसे ज्यादा बैंक शाखाएं और व्यवसाय भी उन्हीं के पास है. व्यवस्था को सुचारु बनाने की सबसे अधिक जिम्मेदारी भारतीय स्टेट बैंक की है. वह अपने उत्तरदायित्व का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं.
कैसे होगी बहन की शादी, बैंक से नहीं मिल रहा है कैश. शहर के एसबीआइ शाखा में कैश की लगातार कमी रहने के कारण अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी है. लोग सुबह से शाम तक कैश के लिए शाखा में बैठ कर इंतजार कर रहे हैं. लगन का समय भी प्रारंभ है. लोगों के घर बिटिया की शादी, बेटे की शादी आदि में पैसे खर्च करने हैं. लेकिन जरूरत के हिसाब से उन्हें पैसे नहीं मिल रहे. शहर के इंद्रनगर निवासी प्रीतम कुमार के बहन की शादी 20 अप्रैल को है. शादी के लिए आवश्यक सामग्री की खरीदारी करनी है. लेकिन बैंक उन्हें पैसा नहीं दे रहा. कभी पांच हजार तो कभी दस हजार करके कुछ पैसा इकट्ठा किये हैं. परंतु शादी में जितना खर्च होने वाला है उतना पैसा उन्हें बैंक से नहीं मिल रहा. इधर, शाखा प्रबंधकों का कहना है कि बैंक को अपेक्षित कैश नहीं मिल रहा है. इस कारण ग्राहकों को परेशानी हो रही है.
रुपये निकालने के लिए बैंकों का लगा रहे चक्कर
बैंक की शाखा में कैश की कमी से लोगों को कम रुपये भुगतान करने की विवशता है. रुपये मिलने पर ही सबकुछ निर्भर है. उम्मीद की जा सकती है कि सोमवार से स्थिति सामान्य हो. मांग के अनुरूप कैश बैंक को मिलें. कैश मिलते ही एटीएम से पैसे मिलने लगेंगे.
आरके चौधरी, एलडीएम,समस्तीपुर