मामला प्रखंड के प्राथमिक मकतब फकीराचक का बनमा ईटहरी . जब बच्चों के भविष्य के साथ ही कुछ विद्यालय के प्रधानाध्यापक बंदरबाट करने में जुट जाये तो यह बात साबित होती है कि इन्हें तनिक भी अधिकारियों का भय नहीं है. जिस विकास मद की राशि से शौचालय, किचन, वर्ग, रंग-रोगन जैसे विकासात्मक कार्य करने होते हैं, उसी पैसे का फर्जी बिल दिखाकर अवैध उगाही जब कर ली जाये तो सिस्टम पर सवाल उठता है. सरकार विकास मद के तहत हर ग्राम पंचायत के नव प्राथमिक, प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए राशि आवंटित करती है. लेकिन प्रखंड के प्राथमिक मकतब फकीराचक में इस व्यवस्था का इस्तेमाल बड़े ही रचनात्मक तरीके से किया गया. स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की है कि बीते दिनों विभागीय संवेदक द्वारा चाहरदीवारी और कक्षा फर्श की मरम्मत के दौरान पूर्व प्रधानाध्यापक दिग्विजय कुमार के निर्देश पर कुछ टाइल्स को स्कूल में ही रखा गया. अब वही टाइल्स लगाकर यह दिखाने की तैयारी है कि विकास मद की 50 हजार की राशि पूरी तरह खर्च हो गयी. यानी स्कूल में टाइल्स लग गया, लेकिन असली पैसे अभी भी खजाने में सुरक्षित हैं. सूत्रों का कहना है कि इसी स्कूल के इको क्लब की राशि की भी सुरक्षित निकासी की योजना बनाई जा रही है. विभाग के रिकॉर्ड में सभी खर्च किए हुए दिखाये जायेंगे, लेकिन असल में टाइल्स और धन के इस खेल में महीनों पहले ही सारा जाल बुन लिया गया. जानकारी के अनुसार बीते एक फरवरी को पूर्व प्रधानाध्यापक ने नये प्रधान शिक्षक को वित्तीय प्रभार सौंपा. कल्याण कुमार सिंह को प्रधान शिक्षक बने छह माह बीत चुके हैं. लेकिन विद्यालय में विकास मद के उपयोग और वित्तीय प्रभार को लेकर काफी अनियमितताएं सामने आयी हैं. स्थानीय लोग कहते हैं कि बनमा ईटहरी में न केवल विकास मद का गलत इस्तेमाल हो रहा है, बल्कि इसे लेकर क्रिएटिव अकाउंटिंग का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है. टाइल्स लगाओ, पैसे बचाओ और रिपोर्ट में सब सही दिखाओ. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है, ताकि शिक्षा और विकास से जुड़े सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके. इस पूरे मामले में पूर्व प्रधानाध्यापक दिग्विजय कुमार ने सारे आरोप को बेबुनियाद बताया है. जबकि इस सबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने बताया कि जानकारी मिली है. जांच की जायेगी. दोष सिद्ध होने पर कार्यवाई की जायेगी.
पहले के सामान से कराया काम, निकाल ली नयी योजना की राशि
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