Ward 24 Drug Free Campaign: कहरा के नगर निगम क्षेत्र स्थित वार्ड 24 में युवाओं के बीच बढ़ते सूखा नशे के प्रचलन ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. नशे की लत से युवाओं का भविष्य प्रभावित होने की आशंका के बीच अब समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर वार्ड को नशामुक्त बनाने की पहल शुरू की है. इसी मुद्दे को लेकर हुई बैठक में लोगों ने नशे पर रोक लगाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया.
कहरा. किसी मोहल्ले की पहचान सिर्फ उसकी सड़कों, गलियों और घरों से नहीं बनती. वहां के युवाओं का भविष्य भी उस समाज की तस्वीर तय करता है. वार्ड 24 में इसी भविष्य को लेकर अब चिंता सामने आयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं में सूखा नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है.
इसी चिंता के बीच वार्ड 24 को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से समाजसेवियों और ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मुकेश कुमार झा ने की. इसमें मौजूद लोगों ने वार्ड क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जतायी और इसे रोकने के लिए अपने-अपने सुझाव सामने रखे.
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति ने बढ़ायी चिंता
बैठक में सबसे ज्यादा चिंता युवाओं के बीच बढ़ रहे सूखा नशे को लेकर जतायी गयी. लोगों का कहना था कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी आदत से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह युवाओं की पढ़ाई, रोजगार, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित कर सकती है.
स्थानीय लोगों ने कहा कि युवा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं. यदि यही वर्ग नशे की गिरफ्त में आता है तो इसका असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता. परिवार परेशान होता है और समाज के सामने भी कई तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं.
इसी वजह से लोगों ने नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानने के बजाय सामाजिक स्तर पर भी इससे लड़ने की जरूरत बतायी.
सिर्फ कार्रवाई नहीं, समाज को भी निभानी होगी जिम्मेदारी
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि वार्ड को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है. परिवार, समाज, जनप्रतिनिधि और प्रशासन सभी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.
लोगों का मानना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनके लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना भी जरूरी है. अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने, युवाओं से संवाद बढ़ाने और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने की जरूरत है.
वहीं, समाज के स्तर पर भी ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी.
पुलिस और स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी से बढ़ी पहल की गंभीरता
बैठक में टीओपी-1 प्रभारी जितेंद्र कुमार की मौजूदगी भी रही. इसके अलावा विकास मित्र चंद्रशेखर कुमार राम, पूर्व वार्ड पार्षद मिथिलेश झा, पूर्व उपमुखिया जनार्दन राम, पूर्व वार्ड सदस्य प्रमोद राम, पूर्व पंचायत समिति सदस्य पप्पू यादव सहित अन्य ग्रामीण शामिल हुए.
पुलिस प्रतिनिधि की मौजूदगी से नशे के खिलाफ स्थानीय स्तर पर उठाये जा रहे इस मुद्दे को प्रशासनिक पहल से जोड़ने की संभावना भी बनी है. हालांकि, वार्ड को वास्तव में नशामुक्त बनाने के लिए केवल बैठक पर्याप्त नहीं होगी. इसके लिए नियमित निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना, जागरूकता अभियान और जरूरत पड़ने पर कानून के तहत कार्रवाई को लगातार आगे बढ़ाना होगा.
Ward 24 Drug Free Campaign: आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए अब आगे क्या?
वार्ड 24 के लोगों की चिंता का केंद्र सिर्फ वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी भी है. बैठक में लोगों ने समाज में फैल रहे विभिन्न प्रकार के नशे पर लगाम लगाने और युवाओं को इसके दुष्प्रभाव से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आह्वान किया.
अब इस पहल की असली परीक्षा आगे होगी. बैठक में उठी चिंताओं को जमीन पर उतारने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और जागरूकता कितनी प्रभावी होती है, इस पर लोगों की नजर रहेगी.
यदि समाज और प्रशासन मिलकर लगातार काम करते हैं तो नशे के खिलाफ माहौल तैयार किया जा सकता है. वार्ड 24 के लोगों की यह पहल दूसरे इलाकों के लिए भी मिसाल बन सकती है. फिलहाल सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बैठक में उठी आवाज केवल चर्चा तक सीमित न रहे और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार ठोस कदम उठाये जायें.
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