सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड अंतर्गत अतलखा-पतरघट मुख्य मार्ग स्थित मिल्लतनगर लक्ष्मीपुर मोड़ से तिलाठी जाने वाली मुख्य सड़क की बदहाली से तंग आकर शुक्रवार को ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने प्रशासनिक उपेक्षा और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के खिलाफ सड़क पर जलभराव वाले कीचड़ भरे गड्ढों में धान की रोपनी (Paddy Plantation) कर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया और अविलंब सड़क निर्माण की मांग की.
तीन वर्षों से बदहाल सड़क, हादसे का सबब बना क्षतिग्रस्त बम्मा
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया:
- 3 साल से जर्जर: यह सड़क पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है. सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण क्षेत्र के लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है.
- दुर्घटना की आशंका: सड़क पर स्थित पुलिया के समीप बना बम्मा (सुरक्षात्मक ढांचा/तटबंध किनारा) भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है.
- रोज हो रहे हादसे: बारिश के दिनों में जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन बाइक सवार और ई-रिक्शा चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं.
"मांग पूरी न हुई तो तेज होगा आंदोलन"
ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकट समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया गया और ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन आज तक कोई सुध नहीं ली गई. आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द सड़क और पुलिया की मरम्मत व निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो क्षेत्रवासी व्यापक और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
प्रदर्शन में ये प्रमुख प्रतिनिधि और ग्रामीण रहे शामिल
इस अनोखे प्रदर्शन में पूर्व जिला परिषद सदस्य रवींद्र यादव, अशोक कुमार सिंह, सरपंच प्रतिनिधि शब्बीर आलम, पंकज कुमार, विनोद कुमार सिंह, मनोहर यादव, भूदेव सिंह, अंबुज शर्मा, सनोज बढ़ई, सुरेश शर्मा, प्रभु राम, भुटो मंडल, राजकिशोर राम, रामदेव शर्मा, ब्रह्म मुखिया, सुभाष यादव, पंचायत समिति सदस्य अजामुल आलम, मो. एजाज, सलिया देवी, सुनीता देवी, कविता देवी, कोकिया देवी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
