सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत एक हृदयविदारक घटना में निर्माणाधीन सड़क की पुलिया के पास सुरक्षित डायवर्सन नहीं बनाए जाने के कारण पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दो मासूम सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई. गुरुवार को स्कूल से लौटने के दौरान लापता हुई दोनों बच्चियों के शव शुक्रवार सुबह पानी से बरामद किए गए. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क निर्माण एजेंसी और संवेदक की घोर लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है.
स्कूल से लौटने के दौरान लापता हुई थीं दोनों बहनें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनपीएस गोविंदपुर चाही टोला का अपना विद्यालय भवन न होने के कारण इसका संचालन मध्य विद्यालय भेलाही के परिसर में किया जा रहा है:
- गुरुवार शाम से थीं गायब: गोविंदपुर वार्ड संख्या पांच निवासी नंदन यादव की सात वर्षीय पुत्री निक्की कुमारी और पांच वर्षीय पुत्री निभा कुमारी गुरुवार को स्कूल पढ़ने गई थीं.
- ननिहाल में तलाश: शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने सोचा कि वे पास ही भेलाही स्थित अपने ननिहाल चली गई होंगी. लेकिन देर रात ननिहाल से भी उनके न पहुंचने की खबर मिलने पर खोजबीन शुरू की गई.
शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन पुलिया के पास मिले दोनों शव
शुक्रवार तड़के ग्रामीणों ने सूचना दी कि भेलाही से डरहार घाट तक बन रही सड़क पर निर्माणाधीन पुलिया के पास पानी में एक बच्ची का शव तैर रहा है:
- शवों की बरामदगी: मौके पर पहुंचे परिजनों ने पहले निक्की कुमारी का शव पहचाना. इसके बाद ग्रामीणों ने पानी में उतरकर खोजबीन की और छोटी बहन निभा कुमारी का शव भी उसी गड्ढे से बरामद कर लिया.
- मातम का माहौल: एक ही घर की दो मासूम बेटियों का शव मिलने के बाद पीड़ित परिवार समेत पूरे गांव में कोहराम मच गया.
निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद उमेश यादव, जयराम यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सड़क निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर फूट पड़ा:
- डायवर्सन गायब: ग्रामीणों का आरोप है कि डरहार घाट से भेलाही गढ़िया तक मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क व पुलिया का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन संवेदक कमलेश कुमार द्वारा निर्माणाधीन पुलिया के पास सुरक्षित डायवर्सन नहीं बनाया गया.
- समयसीमा खत्म, काम अधूरा: ग्रामीणों ने दुर्घटनास्थल पर लगे योजना बोर्ड के हवाले से बताया कि इस सड़क निर्माण का कार्य 29 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था और इसे 28 अप्रैल 2026 तक पूरा किया जाना था. निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बावजूद निर्माण अधूरा पड़ा है और कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं.
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही डरहार पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सहरसा भेज दिया. पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि मामले की गहन जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
