सदर अस्पताल में चोरों का आतंक बरकरार, कीमती सामानों की लगातार हो रही चोरी

सदर अस्पताल में चोरों का आतंक बरकरार,

प्रशासन लापरवाह , डीईआईसी कार्यालय व जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में लगातार काटा जा रहा है एसी के तांबा का पाइप सहरसा. जिले का पीएमसीएच कहा जाने वाला सदर अस्पताल इन दिनों चोरों के निशाने पर है. अस्पताल परिसर में हो रही लगातार चोरियों ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भी उजागर कर दी है. लाखों रुपये के कीमती उपकरण और संसाधनों की चोरी से सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है. जबकि जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किए बैठे हैं. ताजा मामला अस्पताल परिसर में लगे एयर कंडीशनरों (एसी) के तांबे के पाइप की लगातार चोरी का है. जिसमें मॉडल अस्पताल के सामने स्थित डीईआईसी कार्यालय में लगे दो एसी के तांबे के पाइप को अज्ञात चोरों ने बेखौफ होकर उड़ा लिया. यही नहीं नये ओपीडी भवन के सामने स्थित जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में भी लगे एसी के तांबे के पाइप को पूरी तरह काटकर चुरा लिया गया है. यह घटनाएं बीती रातों की नहीं, बल्कि पिछले कई दिनों से लगातार हो रही है. जिससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र की है. मरीज के परिजनों ने कहा रात होते ही अस्पताल परिसर हो जाता है असुरक्षित मरीज के परिजनों का कहना है कि रात होते ही अस्पताल परिसर असुरक्षित हो जाता है. यहां न तो सुरक्षा गार्ड की कोई स्पष्ट तैनाती है और न ही सीसीटीवी कैमरे की कोई निगरानी. रात होते ही सुरक्षा गार्ड सिर्फ अस्पताल के अंदर ही नजर आते हैं या इमरजेंसी के मुख्य द्वार पर नजर आते हैं. ऐसे में चोरों का मनोबल काफी बढ़ जाता है. अस्पताल की कमजोर निगरानी व्यवस्था का फायदा उठाकर चोर आराम से वारदात को अंजाम दे देते हैं. वहीं अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह है कि चोरी की घटनाओं पर न तो कोई आंतरिक जांच होती है और न ही भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय किए जा रहे हैं. बार-बार नुकसान के बाद भी न तो अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड की तैनाती की गई और न ही परिसर में निगरानी व्यवस्था को दुरुस्त किया गया. लचर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लोगों ने जिला प्रशासन से की मांग वहीं लोगों ने स्वास्थ्य महकमा की लचर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन से मांग की है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता पर सबसे पहले दुरुस्त करें. साथ ही बार-बार हो रही चोरियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जा सके. सरकार एक ओर जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसी लापरवाहियां न केवल जनता के पैसों की बर्बादी है बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवालिया निशान भी खड़ा करती है. क्या कहते हैं सिविल सर्जन मामले को लेकर पूछे जाने पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ रतन कुमार झा ने कहा कि अस्पताल परिसर से लगातार चोरी की घटना निंदनीय है. लेकिन ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासन का साथ भी जरूरी है. जबकि कुछ दिन पूर्व अस्पताल परिसर से एक चोर को चोरी की घटना करते पकड़ा गया था. जिसे पुलिस के हवाले भी कर दिया गया. लेकिन पुलिस द्वारा उस चोर को छोड़ दिया गया. जबकि पुलिस को उस चोर का सदर अस्पताल में चोरी करने का वीडियो भी दिया गया था. वैसे यह नया मामला संज्ञान में आया है, जांच करवाते हैं.

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By Dipankar Shriwastaw

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