भीषण गर्मी व उमस से जनजीवन अस्त-व्यस्त, दोपहर में सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
जून माह की शुरुआत के साथ ही जिले में भीषण गर्मी एवं उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. सोमवार को सुबह से ही तेज धूप एवं गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित रहा.
सहरसा. जून माह की शुरुआत के साथ ही जिले में भीषण गर्मी एवं उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. सोमवार को सुबह से ही तेज धूप एवं गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित रहा. दोपहर होते-होते शहर की प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया. अत्यधिक गर्मी के कारण लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. मौसम के बदलते तेवरों के बीच जिले में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा. उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी का एहसास हो रहा है. दिनभर चलने वाली गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है.
ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. शहर के जूस सेंटर, शिकंजी, नारियल पानी, लस्सी एवं आइसक्रीम की दुकानों एवं चौक चौराहे पर लगे ठेले पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है. वहीं, बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी है. बार-बार बिजली कटौती के कारण कूलर, पंखे एवं एयर कंडीशनर भी पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे हैं. उमस भरी गर्मी का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है.
बढ़ रही मरीजों की संख्या
अस्पतालों एवं निजी क्लीनिकों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर, बुखार एवं थकान जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम चार बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, मौसमी फलों का सेवन करने तथा हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वर्ष जून की शुरुआत से ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं. जल्द बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. फिलहाल भीषण गर्मी एवं उमस ने पूरे जिले में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है.