बैठक में छाये रहे शहर की समस्याएं, जलजमाव, शिक्षा विभाग की कार्यशैली और नगर निगम में अनियमितता के मुद्दे
मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गयी.
जिला प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक
सहरसा. बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह सहरसा जिला प्रभारी मंत्री एवं जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में समिति सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों के नेताओं ने जिले से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. बैठक में सदर विधायक आलोक रंजन उर्फ आईएनपी गुप्ता ने शहर की प्रमुख समस्याओं को उठाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की.
जलजमाव, गाद सफाई और अस्पताल व्यवस्था का उठा मुद्दा
सिमरी बख्तियारपुर विधायक संजय सिंह ने क्षेत्र में जलजमाव, कोसी नदी में पानी के प्रवाह से जुड़ी समस्याओं, गाद सफाई तथा साम्हर खुर्द अस्पताल परिसर से अतिक्रमण हटाने के बावजूद कार्य प्रगति नहीं होने का मामला उठाया. उन्होंने सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल में निजी एजेंसी द्वारा मरीजों एवं चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए एजेंसी को हटाने की मांग की. उन्होंने महिषी स्थित पुस्तकालय परिसर को पुलिस कब्जे से मुक्त कराने की मांग भी की.
शिक्षा विभाग और नगर निगम पर लगे आरोप
जदयू नेता अक्षय झा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी आम लोगों की बात नहीं सुनते हैं और आरटीआई आवेदनों का भी जवाब नहीं दिया जाता है. उन्होंने विभागीय कार्यों में पक्षपात बरतने का भी आरोप लगाया. भाजपा जिलाध्यक्ष साजन शर्मा ने नगर निगम में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लाभुकों से अवैध वसूली का मामला उठाया.
गौशाला को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
भाजपा युवा मोर्चा के नेता सुरजीत कुशवाहा ने बनगांव की तर्ज पर शहर के चांदनी चौक स्थित गौशाला को अतिक्रमण मुक्त कर वहां फिर से गौशाला संचालन शुरू कराने की मांग की. वहीं लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने नगर निगम और शिक्षा विभाग में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.