पूर्वजों की शहादत देश के लिए मर मिटने की देती है प्रेरणा

पूर्वजों की शहादत देश के लिए मर मिटने की देती है प्रेरणा

जिले के अगस्त क्रांति के छह वीर सपूतों को एनसीसी कैडेट्स ने दी श्रद्धांजलि सहरसा . नगर निगम क्षेत्र के शहीद चौक स्थित शहीद स्मारक पर शुक्रवार को जिले के छह वीर सपूतों को एनसीसी कैडेट्स ने याद किया. 29 अगस्त 1942 को भारत माता को अंग्रेजी शासन से मुक्त कराने के लिए जिले के छह वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहूति दी थी. ऐसे वीर सपूतो को नमन करने के लिए 17 बिहार बटालियन एनसीसी सहरसा व मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के कैडेट्स ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. स्वतंत्रता आंदोलन में नरियार के शहीद केदारनाथ तिवारी, बनगांव के शहीद हीराकांत झा, शहीद पुलकित कामत, चैनपुर के शहीद भोला ठाकुर, एकाढ़ के शहीद धीरो राय व बलहा गढिया के शहीद कालेश्वर मंडल ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देते अपने प्राणों की आहूति देकर सहरसा की भूमि को गौरवान्वित किया था. एनसीसी पदाधिकारी सह सिंडिकेट सदस्य मेजर डॉ गौतम कुमार ने कहा कि अपने पूर्वजों की शहादत हमें देश के लिए मर मिटने की प्रेरणा देती है. जिले के आंदोलनकारियों का देश की आजादी में स्वर्णिम इतिहास रहा है. उनहोंने कहा कि आज का दिन अपने पुरखों की कुर्बानी को नमन कर राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देती है. इस अवसर पर महापौर बैनप्रिया ने कहा कि आज जो हमलोग आजाद भारत में खुली सांस ले रहे हैं, इनमें इन महापुरुषों का योगदान है. इनकी शहादत को हमलोग बेकार नहीं जाने देंगे. अगस्त क्रांति में कोसी के जवानों ने पीठ में नहीं बल्कि सीने में गोली खाकर बलूची सेना को खदेड़ने का काम किया था. इन अमर शहीद जवानों की दास्तान सुनकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं. इस मौके पर कैडेट भवेश गिरी, विकास कुमार, गौरव, सिंपल कुमारी, सपना कुमारी, अंशु कुमारी सहित अन्य ने भाग लिया.

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By Dipankar Shriwastaw

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