वेतन भुगतान, पदोन्नति एवं स्थानांतरण सहित कई मांगों को उठाया गया
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के जिला आगमन पर मंगलवार को परिसदन में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने उनका स्वागत करते हुए शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा.
संघ के जिलाध्यक्ष सह राज्य सचिव निरंजन कुमार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में सरकारी विद्यालयों में कार्यरत प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों की लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया.
ज्ञापन में कहा गया कि नियोजित शिक्षकों को मार्च 2026 से वेतन भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. संघ ने अविलंब वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की.
इसके अलावा शिक्षक नियोजन नियमावली 2012 एवं 2020 में पदोन्नति का प्रावधान होने के बावजूद नियोजित शिक्षकों को इससे वंचित रखने पर नाराजगी जताई गई. संघ ने स्थानांतरण नियमावली के तहत अन्य शिक्षकों की तरह नियोजित शिक्षकों को भी स्थानांतरण सुविधा देने की मांग की.
शिक्षकों ने ईपीएफ कटौती मूल वेतन के आधार पर करने, सभी प्रकार की बकाया अंतर राशि का भुगतान, प्रधान शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक एवं स्थानांतरित शिक्षकों की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग भी उठाई.
साथ ही परिवीक्षा अवधि में चिकित्सा अवकाश देने एवं जिला शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की गई.
मौके पर प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पप्पू, मधेपुरा जिला अध्यक्ष भुवन कुमार, प्रखंड अध्यक्ष प्रवीण कुमार, राजीव कुमार रंजन, कंचन कुमारी एवं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश महासचिव चंदन कुमार बागची सहित कई शिक्षक नेता मौजूद थे.
