सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:
सहरसा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जिला इकाई ने मंगलवार को बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री को शिक्षा व्यवस्था और छात्रहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों, अभ्यर्थियों और विद्यालयों से संबंधित कई अहम मुद्दों को उठाते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की.
ज्ञापन में पुस्तकालयाध्यक्ष बहाली प्रक्रिया को जल्द पूरा करने, सीटीईटी की तर्ज पर बिहार में वर्ष में दो बार एसटीईटी परीक्षा आयोजित कराने तथा मध्य एवं उच्च विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई. इसके साथ ही टीआरई-4 बहाली प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने और बिहार के अभ्यर्थियों के हित में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी की गई.
परिषद ने निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर नियंत्रण लगाने, विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को अनिवार्य करने तथा प्रयोगशालाओं की स्थिति सुधारने की मांग उठाई. ज्ञापन में विद्यालयों में आवश्यक वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध कराने और प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.
इसके अलावा कोसी प्रमंडलीय पुस्तकालय को आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय के रूप में विकसित कर नियमित रूप से विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए संचालित करने तथा प्राथमिक विद्यालय संत नगर के लिए स्थायी भवन निर्माण कराने की मांग भी परिषद ने रखी.
जिला संयोजक शिवम शांडिल्य ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रहित और शिक्षा सुधार के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी.
विभाग सह संयोजक जयंत जोशी ने कहा कि शिक्षा से जुड़े बुनियादी मुद्दों की अनदेखी के कारण विद्यार्थियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार को छात्रहित में त्वरित निर्णय लेते हुए बहाली प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करना चाहिए तथा विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए.
इस मौके पर नगर सह मंत्री रोहन कुमार, दीपक कुमार , कौशल कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे.
