सहरसा से आशीष कुमार सिंह की रिपोर्ट:
सहरसा: बनमा ईटहरी प्रखंड क्षेत्र के घौरदौड़ पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-1 में जलजमाव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा. समस्या के समाधान की मांग को लेकर दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की.
ग्रामीणों ने बताया कि हल्की बारिश होते ही मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है. सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण संक्रमण एवं डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है. बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है.
लोगों का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा चापाकल का पानी सीधे सड़क पर बहा दिया जाता है, जिससे जलजमाव की समस्या और बढ़ जाती है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कई जगह नाला निर्माण कराया गया, लेकिन अधिकांश नाले अनुपयुक्त साबित हो रहे हैं. कहीं नाले की ऊंचाई सही नहीं है तो कहीं पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है. इसके कारण पानी सड़क पर ही जमा रह जाता है.
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत और विरोध-प्रदर्शन के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है. हर वर्ष जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जाता है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिलता है.
प्रदर्शन में शामिल मंजू देवी, रंजन देवी, सोनिया देवी, जिनेशा देवी, सेखी देवी, ललिता देवी, शांति देवी, सरस्वती देवी, पिंकी देवी, पचिया देवी, प्रमिला देवी, पारो देवी, जितनी देवी, बिजली देवी, बबिता कुमारी, रामदाना देवी, खेतवा देवी, बजिया देवी, अरुण कुमार एवं चंदेश्वरी ऋषिदेव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है, वहीं बुजुर्गों एवं महिलाओं को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब स्थायी नाला निर्माण एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके. साथ ही पंचायतों में बने नालों की नियमित सफाई कराने की भी मांग उठाई गई है.
