दो एंबुलेंस सीएचसी परिसर में खा रहीं जंग, एक थाना परिसर में पड़ी, मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ

सोनवर्षाराज सीएचसी में लाखों की लागत से आई तीन एंबुलेंस में से दो पिछले दो सालों से परिसर में जंग खा रही हैं, जबकि एक दुर्घटनाग्रस्त होकर थाने में पड़ी है. इससे मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

सोनवर्षाराज (सहरसा). सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सोनवर्षाराज में मरीजों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से उपलब्ध करायी गयी तीन छोटी एंबुलेंस में से दो पिछले करीब दो वर्षों से परिसर में खड़ी होकर जंग खा रही हैं. वहीं, तीसरी एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद थाना परिसर में पड़ी है. एंबुलेंस का नियमित संचालन नहीं होने के कारण सरकार की योजना के तहत उपलब्ध कराये गये संसाधनों का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है.

रूर्बन मिशन के तहत वर्ष 2018 में मिली थीं तीन एंबुलेंस

विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्ष 2018 में ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना के तहत सोनवर्षाराज सीएचसी को तीन छोटी एंबुलेंस उपलब्ध करायी गयी थीं. शुरुआती दौर में सीएचसी प्रबंधन ने इनमें से एक-एक एंबुलेंस अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) मंगवार और सहसौल में तैनात की थी.

एपीएचसी में एंबुलेंस की उपलब्धता से अंचल क्षेत्र की पूर्वी पंचायतों के मरीजों को काफी सुविधा मिल रही थी. जरूरत पड़ने पर मरीज एपीएचसी से सीएचसी और सदर अस्पताल तक आसानी से पहुंच पा रहे थे.

दुर्घटना के बाद एक एंबुलेंस थाना परिसर में

इसी बीच तीन एंबुलेंस में से एक दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. इसके बाद उसे थाना परिसर में रख दिया गया. वहीं, कुछ महीनों के भीतर एपीएचसी मंगवार और सहसौल में तैनात दोनों एंबुलेंस को भी वापस सीएचसी सोनवर्षाराज मंगवा लिया गया.

इसके बाद से दोनों एंबुलेंस सीएचसी परिसर में खड़ी हैं. लंबे समय से उपयोग नहीं होने के कारण इन वाहनों के बाहरी हिस्सों पर जंग लगने लगी है और सरकारी संसाधन धीरे-धीरे खराब होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं.

एपीएचसी में फिर तैनाती से मरीजों को मिल सकती है सुविधा

स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएचसी में 112 सेवा की एंबुलेंस उपलब्ध रहने के कारण पुरानी दोनों एंबुलेंस का इस्तेमाल नहीं हो रहा है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को इन दोनों एंबुलेंस को दोबारा एपीएचसी मंगवार और सहसौल में तैनात करना चाहिए.

लोगों के अनुसार एपीएचसी में एंबुलेंस उपलब्ध रहने से पूर्वी पंचायतों के मरीजों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से सीएचसी और सदर अस्पताल तक पहुंचने में सुविधा होगी. इससे आपात स्थिति में मरीजों को वाहन के लिए इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा.

संचालन के लिए राशि नहीं मिलने से बंद है सेवा

बताया जाता है कि एंबुलेंस के संचालन के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण इनका संचालन बंद है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से खरीदे गये वाहनों को लंबे समय तक खड़ा रखने के बजाय उनका उपयोग मरीजों की सुविधा के लिए किया जाना चाहिए.

रोगी कल्याण समिति की बैठक में निकाला जा सकता है रास्ता

सीएचसी सोनवर्षाराज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. लक्ष्मण ने बताया कि विभाग की ओर से एंबुलेंस के संचालन का खर्च उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण इनका संचालन बंद है. हालांकि, रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर एंबुलेंस के संचालन के लिए राशि निकाली जा सकती है. अब सवाल यह है कि जब सीएचसी और इसके अधीन एपीएचसी में मरीजों की सुविधा के लिए एंबुलेंस उपलब्ध हैं तो उन्हें वर्षों तक खड़ा रखने के बजाय इनके संचालन की व्यवस्था कब की जाएगी. लंबे समय से अनुपयोगी पड़े वाहनों को फिर से मरीजों की सेवा में लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पहल करनी होगी.

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By Prabhat khabar news desk

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