सुरसर नदी हादसे में बेटे की मौत, एक माह बाद मां को मिला ₹4 लाख का सहारा, 56 परिवारों को जमीन का पर्चा

सुरसर नदी में डूबने से बेटे को खोने वाली पामा देवी को बिहार सरकार ने ₹4 लाख की आपदा सहायता राशि का चेक सौंपा. इसी कार्यक्रम में 56 भूमिहीन परिवारों को सरकारी जमीन का पर्चा भी वितरित किया गया, जिससे उनके आशियाने की उम्मीद जगी.

Saharsa News: सोनवर्षाराज में करीब एक महीने पहले सुरसर नदी में डूबने से बेटे को खोने वाली पामा देवी के परिवार के लिए शुक्रवार को राहत की खबर आयी. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा सोनवर्षा प्रखंड के देहद पंचायत पहुंचे और मृतक लालकुन सादा की माता को चार लाख रुपये की आपदा सहायता राशि का चेक सौंपा.

लालकुन सादा की मौत देहद पंचायत के मोहनपुर गांव के समीप सुरसर नदी में डूबने से हुई थी. हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा था. शुक्रवार को सरकारी सहायता का चेक मिलने के बाद परिवार को आर्थिक सहारा मिला.

बेटे की मौत के बाद मां को मिली आपदा सहायता

मंत्री रत्नेश सादा ने पूर्व मुखिया रौशन कुमार सिंह के आवास पर मृतक की माता पामा देवी को मुख्यमंत्री राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया.

लालकुन सादा स्व. रधुनी सादा के पुत्र थे. करीब एक माह पूर्व सुरसर नदी में डूबने से उनकी मौत हो गयी थी.

हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दिया था. बेटे की मौत के बाद परिवार के सामने भावनात्मक परेशानी के साथ आर्थिक संकट भी खड़ा हुआ. ऐसे समय में आपदा सहायता राशि परिवार के लिए तत्काल आर्थिक सहारा मानी जा रही है.

मंत्री बोले-आपदा की घड़ी में सरकार परिवार के साथ

चेक सौंपने के दौरान मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि आपदा की घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. आपदा से जुड़े मामलों में नियमानुसार पीड़ित परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध करायी जा रही है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाये, ताकि उन्हें सहायता के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े.

सरकार की ओर से मिलने वाली ऐसी सहायता का उद्देश्य हादसे के बाद परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कुछ हद तक कम करना है.

56 भूमिहीन परिवारों को मिला बंदोबस्ती का पर्चा

चेक वितरण के बाद मंत्री कोपा स्थित बिहार सरकार पंचायत भवन पहुंचे. यहां 56 लाभार्थियों के बीच बंदोबस्ती के पर्चे वितरित किये गये.

पर्चा मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी नजर आयी. लंबे समय से जमीन की उम्मीद रखने वाले परिवारों के लिए यह उनके अपने आशियाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

मंत्री ने कहा कि सरकार भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर लगातार काम कर रही है. इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को अपना घर बनाने के लिए जमीन की समस्या से राहत दिलाना है.

जमीन मिलने से आशियाने की उम्मीद

भूमिहीन परिवारों के लिए जमीन का पर्चा सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि अपने घर की उम्मीद से जुड़ा है. बंदोबस्ती का पर्चा मिलने के बाद लाभार्थियों को अब अपने आशियाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.

सरकार की ओर से भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की पहल का स्थानीय स्तर पर भी असर पड़ सकता है. खासकर उन परिवारों के लिए जिन्हें लंबे समय से आवास बनाने के लिए जमीन की जरूरत थी.

Saharsa News: कार्यक्रम में अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

मौके पर अंचलाधिकारी ललन चौधरी, राजस्व अधिकारी सैयद बादशाह, जदयू जिला उपाध्यक्ष मुकेश झा, जदयू प्रखंड अध्यक्ष जय कुमार सिंह, बालकृष्ण झा उर्फ पप्पू, नंदकिशोर झा उर्फ पप्पू, रौशन कुमार सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे.

एक तरफ हादसे में जान गंवाने वाले युवक के परिवार को आपदा सहायता मिली, तो दूसरी ओर 56 परिवारों को जमीन का पर्चा सौंपा गया. दोनों कार्यक्रमों में सरकारी सहायता और लाभ को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का संदेश सामने आया.

फोटो मृतक के परिजन को चेक देते हुए | Prabhat Khabar Network
फोटो मृतक के परिजन को चेक देते हुए | Prabhat Khabar Network

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