Bihar Registration Rules 2026: बिहार सरकार ने सूबे में जमीन, प्लॉट एवं फ्लैट के निबंधन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए 'बिहार निबंधन नियमावली 2026' को लागू कर दिया है. इस पेपरलेस व्यवस्था के प्रथम चरण के लिए राज्य भर के जिन 10 निबंधन कार्यालयों को चुना गया है, उनमें सहरसा जिले का सोनवर्षा अवर निबंधन कार्यालय भी शामिल है. आगामी 18 जुलाई से यह ऐतिहासिक डिजिटल व्यवस्था यहां पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी, जिसके तहत 75 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की विशेष सुविधा मिलेगी.
जालसाजी पर लगेगी लगाम, समय की होगी बड़ी बचत
इस अत्याधुनिक डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था के लागू होने से आम जनता को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
- दलालों और धोखाधड़ी से मुक्ति: पूरी प्रक्रिया के ऑनलाइन और डिजिटल होने से भू-माफियाओं द्वारा की जाने वाली जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
- समय व धन की बचत: कागजी दस्तावेजों के रखरखाव और लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा, जिससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया बेहद कम समय में पूरी हो सकेगी.
75 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को तोहफा: घर बैठे होगी रजिस्ट्री
नई नियमावली में वरिष्ठ नागरिकों की सहूलियत को लेकर सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है:
- पूरे सूबे में तत्काल प्रभाव से लागू: 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को अब रजिस्ट्री कार्यालय आने की बाध्यता नहीं होगी. वे घर बैठे ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.
- पारदर्शी वेरिफिकेशन: विभागीय कर्मी आधुनिक तकनीकी उपकरणों के जरिए घर पर ही पहुंचकर आवश्यक बायोमेट्रिक और डिजिटल प्रक्रिया को पूरा करेंगे.
सोनवर्षा समेत 10 केंद्रों पर शुरुआत; बाकी जगहों पर पुराना नियम
बिहार के राज्यपाल के आदेश से जारी इस आधिकारिक अधिसूचना में आगामी व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है:
राज्य में भूमि सुधार और पारदर्शिता की दिशा में यह एक बड़ा क्रांतिकारी कदम है. प्रथम चरण में सोनवर्षा सहित जिन 10 निबंधन कार्यालयों का चयन हुआ है, वहां 18 जुलाई से नई डिजिटल नियमावली प्रभावी होगी. जिन कार्यालयों का नाम इस पहली सूची में शामिल नहीं है, वहां फिलहाल 'बिहार निबंधन नियमावली 2008' के तहत ही पूर्व की भांति पारंपरिक कागजी तौर-तरीकों से काम चलता रहेगा. शेष बचे सभी निबंधन कार्यालयों को इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा बहुत जल्द ही दूसरी अधिसूचना जारी की जाएगी.
सोनवर्षा के इस प्रथम सूची में शामिल होने से स्थानीय ग्रामीणों और डीड राइटर्स में भारी उत्साह है. लोगों का मानना है कि इस व्यवस्था से निबंधन कार्यालयों में होने वाले भ्रष्टाचार और बेवजह की लेटलतीफी पर पूरी तरह से अंकुश लग सकेगा.
