एक सिगरेट पीने से 11 मिनट कम हो जाती है आयु : कर्नल रवि
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा सहरसा रेल परिसर में तंबाकू मुक्ति प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर रेल परिसर में लगी तंबाकू मुक्ति प्रदर्शनी
सहरसा. विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा सहरसा रेल परिसर में तंबाकू मुक्ति प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी का उद्घाटन एनसीसी कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रवि, जीआरपी के एसआई राजेश कुमार, सूबेदार जितेंद्र, जीसीआइ दीक्षा, अवधेश भाई एवं शत्रुघ्न भाई ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
तंबाकू से हर वर्ष लाखों लोगों की होती है मौत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल रवि ने कहा कि पूरे विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 80 लाख लोगों की मृत्यु तंबाकू के किसी न किसी रूप में सेवन करने के कारण होती है. इनमें से करीब 13.5 लाख लोग भारत के होते हैं. उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन करने वाले हर दो व्यक्तियों में से एक की मृत्यु का कारण तंबाकू बनता है तथा हर छह सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत तंबाकू सेवन के कारण होती है. उन्होंने कहा कि एक सिगरेट पीने से व्यक्ति की आयु औसतन 11 मिनट कम हो जाती है. तंबाकू का दुष्प्रभाव केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि विचार, परिवार, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है.
राजयोग मेडिटेशन से नशा मुक्ति का संदेश
कर्नल रवि ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पिछले लगभग 40 वर्षों से देशभर में नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहा है. यहां सिखाए जाने वाले राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार के नशों से मुक्ति पाने में सहायता मिलती है. अवधेश भाई ने कहा कि सहरसा रेलवे स्टेशन पर कई वर्षों से विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर यह प्रदर्शनी लगायी जाती रही है. इसके माध्यम से अनेक लोगों ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया है.
लोगों ने लिया तंबाकू छोड़ने का संकल्प
जीआरपी के एसआइ राजेश कुमार ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था निस्वार्थ भाव से समाज सेवा का कार्य कर रही है और लोगों को इस अभियान से जुड़कर सहयोग करना चाहिए. कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेट शिवानी ने मौजूद लोगों को तंबाकू मुक्ति की शपथ दिलायी. इस मौके पर अनेक लोगों ने दान पेटी में तंबाकू एवं सिगरेट डालकर नशा छोड़ने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स, रेलवे कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे.