सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड अंतर्गत धबौली स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर परिसर में पूरे सावन माह से चल रहे एक महीने लंबे अखंड धार्मिक अनुष्ठान, शिव चर्चा एवं शिव पुराण कथा का शुक्रवार को विधिवत समापन हो गया. 'हर हर महादेव टीम' के तत्वावधान में आयोजित इस पावन अनुष्ठान के अंतिम दिन भव्य हवन-पूजन का आयोजन किया गया. इसमें धबौली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन कुंड में आहुतियां समर्पित कर देवाधिदेव महादेव से परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की प्रार्थना की.
पूरे सावन माह गूंजे शिव पुराण के प्रसंग और आदर्श
सावन के शुभारंभ से ही मंदिर परिसर में प्रतिदिन शिव चर्चा और कथा का आयोजन किया जा रहा था:
- शिव चरित्र का वर्णन: कथावाचकों और वक्ताओं ने शिव पुराण के विभिन्न प्रसंगों के जरिए भगवान शिव के त्याग, तपस्या, करुणा, वैराग्य और लोक कल्याणकारी स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला.
- सदाचार और धर्म का संदेश: कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन परंपराओं, सत्य, सदाचार, परोपकार, संयम और विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा दी गई.
- हर वर्ग की सहभागिता: महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे माह बढ़-चढ़कर भाग लिया. सावन के सोमवारों को मंदिर में विशेष जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का आयोजन होता रहा.
पूर्णाहुति हवन और महाप्रसाद वितरण
धार्मिक अनुष्ठान के समापन अवसर पर सुबह से ही मंदिर प्रांगण में विशेष उत्साह देखा गया:
- वैदिक आहुति: पुरोहितों के मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में तिल, जौ और हवन सामग्री की आहुति देकर अनुष्ठान की पूर्णाहुति की.
- 'हर-हर महादेव' के जयकारे: पूरा मंदिर परिसर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा.
- प्रसाद वितरण: हवन संपन्न होने के बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं.
आयोजन समिति ने जताया आभार
धार्मिक अनुष्ठान को अनुशासित और भव्य तरीके से संपन्न कराने में 'हर हर महादेव टीम' और मंदिर समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- सक्रिय सदस्य: आयोजन को सफल बनाने में रामबल्लब सिंह, संत बाबा, गौरीशंकर राय, मिथिलेश सिंह, श्याम सुंदर सिंह, अजय कुमार सिंह, सपना कुमारी और प्रिया सहित टीम के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा.
- संस्कृति संरक्षण का संकल्प: समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का मूल उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना है. समिति ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया.
