Saharsa Food Poisoning: सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा). प्रखंड क्षेत्र की सरडीहा पंचायत अंतर्गत सरडीहा गांव के मध्य टोला में सत्यनारायण भगवान की पूजा का प्रसाद खाने के बाद 100 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है. शनिवार को एक साथ बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर की मेडिकल टीम गांव पहुंची और उपचार शुरू किया. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है.
प्रसाद खाने के अगले दिन से बिगड़ने लगी तबीयत
ग्रामीणों के अनुसार मध्य टोला में एक परिवार की ओर से सत्यनारायण भगवान की पूजा का आयोजन किया गया था. पूजा संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया. इसके अगले दिन से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य बीमारी समझकर स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन धीरे-धीरे उल्टी और दस्त से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती चली गयी.
लगभग हर परिवार में पहुंची बीमारी की शिकायत
शुक्रवार तक स्थिति गंभीर हो गई और मध्य टोला के लगभग हर परिवार से किसी न किसी सदस्य के बीमार होने की सूचना सामने आने लगी. एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. इसके बाद मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई, जिसके बाद मेडिकल टीम को गांव भेजा गया.
पुस्तकालय भवन में बनाया गया मेडिकल कैंप
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मध्य टोला स्थित पुस्तकालय भवन में अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित किया. यहां चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं. इसके साथ ही टीम घर-घर जाकर भी बीमार लोगों की जांच और उपचार कर रही है.
सिविल सर्जन ने गांव पहुंचकर लिया जायजा
शनिवार शाम सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद भी सरडीहा गांव पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे उपचार कार्य का जायजा लिया. उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सभी मरीजों की लगातार निगरानी करने तथा जरूरत के अनुसार तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में
Saharsa Food Poisoning: स्वास्थ्य विभाग की टीम के गांव पहुंचने और मेडिकल कैंप शुरू होने के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीमारी के कारणों और प्रसाद से इसके संभावित संबंध को लेकर आवश्यक जांच की जा रही है.
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