नगर पंचायत में 50 कर्मियों से काम लेने और 109 के नाम पर भुगतान उठाने का आरोप
सौरबाजार. नगर पंचायत सौरबाजार में सफाईकर्मियों के वेतन भुगतान एवं कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार को लेकर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया गया. हाथों में झाड़ू लेकर सड़क पर उतरे सफाईकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और संबंधित एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए. प्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता है और बकाया मजदूरी मांगने पर कंपनी के सुपरवाइजर एवं मैनेजर द्वारा अपमानजनक व्यवहार किया जाता है. कर्मियों के अनुसार, उन्हें अक्सर ‘काम करना है तो करो, नहीं तो भाग जाओ’ जैसी बातें सुननी पड़ती हैं.सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत क्षेत्र में वास्तविक रूप से केवल 45 से 50 सफाईकर्मी ही कार्य कर रहे हैं, जबकि कंपनी 109 सफाईकर्मियों के नाम पर भुगतान उठा रही है. इस आरोप के सामने आने के बाद नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था और संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
पूरे महीने काम करने के बावजूद मिलते हैं केवल सात से आठ हजार रुपये
कर्मियों का कहना है कि उनकी दैनिक मजदूरी 330 रुपये निर्धारित है, लेकिन पूरे महीने काम करने के बावजूद उन्हें केवल सात से आठ हजार रुपये ही मिल पाते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्य के दौरान पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वेतन भुगतान के लिए उन्हें लगभग हर महीने आंदोलन और हड़ताल का सहारा लेना पड़ता है. उनका आरोप है कि जब तक काम बंद नहीं किया जाता, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाता है.
मामले को लेकर जब कंपनी के मैनेजर से जानकारी ली गयी तो उन्होंने नगर पंचायत में 109 सफाईकर्मियों के कार्यरत होने की बात कही. इसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि यदि 109 कर्मी कार्यरत हैं तो उनकी मौजूदगी धरातल पर क्यों नहीं दिखती है. सफाईकर्मियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा उन्हें स्थायी करने की मांग की है.