Saharsa News: सहरसा नगर निगम के वार्ड संख्या 39 में बारिश के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. गांधी पथ, न्यू कॉलोनी, सराही, हाथी टोला और मीर टोला जैसे इलाकों में जलजमाव ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है. कई घरों में गंदा पानी घुस चुका है, सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर मानसून में सामने आती है. बावजूद इसके अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
हर बारिश के बाद दोहराई जाती है परेशानी
वार्ड 39 के कई मोहल्लों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है. इस बार भी लगातार बारिश के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है. कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है. लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है और छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और नाला निर्माण अधूरा रहने तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष यही स्थिति बनती है.
जलजमाव से बढ़ा बीमारी का खतरा
स्थानीय निवासियों के अनुसार लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है. इससे मलेरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
लोगों का कहना है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में सांप और अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़ों के निकलने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. इससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता बनी हुई है.
स्ट्रीट लाइट खराब होने से रात में बढ़ रही परेशानी
स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट भी लंबे समय से खराब पड़ी हैं. जलजमाव और अंधेरे के कारण रात के समय आवागमन काफी जोखिम भरा हो जाता है. लोगों को दुर्घटना और फिसलने का डर बना रहता है.
स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
युवा समाजसेवी शशांक सुमन विक्की, लाल बहादुर साह, रामसुंदर साहा सहित अन्य स्थानीय लोगों ने कहा कि वार्ड के निवासी वर्षों से इस समस्या को झेल रहे हैं. उनका कहना है कि अब अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान की आवश्यकता है.
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से जल निकासी की तत्काल व्यवस्था करने, नियमित फॉगिंग कराने, दवा का छिड़काव कराने, खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करने तथा सड़क और नाला निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की.
आम लोगों पर सीधा असर
जलजमाव केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर लोगों के स्वास्थ्य, बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा की आवाजाही और पूरे मोहल्ले के जीवन पर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के शेष दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
वार्ड के निवासी कुंदन कुमार, रवि साह, सुरेश अंबुज, रविंद्र साह, रेणु कसेरा, दिनेश कुमार, संतोष कुमार, हीरा साह, बबलू गुप्ता, केशव कुमार, रंजीत यादव, सिकंदर साह और कैलाश भगत सहित कई लोगों ने प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर राहत पहुंचाने की मांग की है.
Saharsa News: अब प्रशासन से क्या उम्मीद
स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम केवल जल निकासी तक सीमित न रहे, बल्कि वार्ड में स्थायी ड्रेनेज सिस्टम, सड़क और नाला निर्माण, नियमित फॉगिंग तथा स्ट्रीट लाइट की मरम्मत जैसे कार्य समयबद्ध तरीके से कराए. लोगों का मानना है कि यदि इन बुनियादी सुविधाओं पर तेजी से काम हुआ तो हर मानसून में होने वाली परेशानी से स्थायी राहत मिल सकती है.
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