Saharsa News: सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड कार्यालय के सामने काली मैदान चबूतरा पर बासगीत पर्चे की जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने की मांग को लेकर एक दंपती का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा. कटैया गांव निवासी कुशो शर्मा और उनकी पत्नी कुशमा देवी का आरोप है कि भूमि उपसमाहर्ता और आयुक्त के आदेश के बावजूद उन्हें अब तक पूरी जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया. वर्षों से कार्यालयों का चक्कर लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उन्होंने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया है.
दंपती का कहना है कि जब तक बासगीत पर्चे से मिली जमीन पर पूर्ण रूप से दखल-कब्जा नहीं दिलाया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
बासगीत पर्चे की जमीन पर कब्जा नहीं मिलने का आरोप
अनशनकारी दंपती के अनुसार, उन्हें मौजा पदमपुर, थाना नंबर 172, खाता नंबर 172, खेसरा नंबर 830 में कुल 2.51 डिसमिल जमीन बासगीत पर्चे के माध्यम से प्राप्त हुई थी.
उन्होंने बताया कि उक्त जमीन की उत्तर चौहद्दी से 0.5 डिसमिल और दक्षिण चौहद्दी से 1.55 डिसमिल भूमि पर दखल-कब्जा दिलाने के लिए भूमि उपसमाहर्ता और आयुक्त द्वारा अंचल अधिकारी (सीओ) को आदेश जारी किया गया था.
“आधा-अधूरा कब्जा दिलाकर छोड़ दी गई प्रक्रिया”
कुशो शर्मा और कुशमा देवी का आरोप है कि आदेश के बाद अंचल प्रशासन ने केवल आंशिक दखल-कब्जा दिलाया और पूरी प्रक्रिया बीच में ही छोड़ दी.
उनका कहना है कि उस समय संबंधित अधिकारी ने जल्द ही शेष जमीन पर भी कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं हुआ.
वर्षों से कार्यालयों का चक्कर, फिर भी नहीं मिला समाधान
अनशनकारी दंपती ने बताया कि वे लगातार अंचल कार्यालय और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार आवेदन देने और अधिकारियों से मिलने के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा.
तीसरे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन
रविवार को भी दंपती प्रखंड कार्यालय के सामने काली मैदान चबूतरा पर आमरण अनशन पर बैठे रहे. स्थानीय लोगों ने भी उनकी मांगों को गंभीर बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की.
अनशनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक बासगीत पर्चे से प्राप्त पूरी जमीन पर दखल-कब्जा नहीं दिलाया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आमरण अनशन जारी रहेगा.
Saharsa News: प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर
फिलहाल पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
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