नई रेफरल व्यवस्था के बाद सहरसा सदर अस्पताल में बढ़ेगी सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को दिए सख्त निर्देश

बिहार में नई रेफरल व्यवस्था के लागू होने से सहरसा सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं.

Saharsa Sadar Hospital Security: सहरसा. बिहार सरकार की नई रेफरल व्यवस्था लागू होने के बाद जिला और सदर अस्पतालों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने जा रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिला एवं सदर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने का निर्देश जारी किया है. सहरसा सदर अस्पताल में भी इस आदेश का सीधा असर देखने को मिलेगा, जहां मरीजों और उनके परिजनों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे.

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था के तहत मरीजों को निकटवर्ती सरकारी अस्पतालों में अधिकतम उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा, जिससे जिला और सदर अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ सकती है. ऐसे में सुरक्षा प्रबंधन को पहले से अधिक मजबूत बनाना आवश्यक माना गया है.

सभी जिलों को भेजा गया निर्देश

स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने सभी सिविल सर्जन, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र भेजकर अस्पतालों में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

पत्र में कहा गया है कि रेफरल व्यवस्था के प्रभावी होने के बाद अस्पतालों में भीड़ बढ़ने की संभावना है. ऐसी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए पर्याप्त तैयारी जरूरी है.

सुरक्षा गार्ड बढ़ेंगे, निगरानी होगी मजबूत

जारी निर्देश के अनुसार अस्पताल परिसरों में सुरक्षा गार्डों की तैनाती बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी करने और चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

सहरसा सदर अस्पताल प्रशासन अब परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगा और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, ताकि अस्पताल में आने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके.

क्यों बढ़ रहा है जिला अस्पतालों का महत्व

बिहार सरकार की नई रेफरल व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को उनके निकटवर्ती सरकारी अस्पतालों में ही अधिकतम उपचार उपलब्ध कराना है. इससे अनावश्यक रेफरल को कम किया जाएगा और जिला तथा सदर अस्पतालों को अधिक सक्षम बनाया जाएगा.

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा और बड़े चिकित्सा संस्थानों पर अनावश्यक दबाव कम होगा. इसी कारण जिला अस्पतालों की आधारभूत संरचना, चिकित्सा सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं.

Saharsa Sadar Hospital Security: सुरक्षित वातावरण में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. उद्देश्य यह है कि अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.

सहरसा सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं के संचालन और अस्पताल परिसर की निगरानी में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.

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By अंजन आर्यन सिंह

पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. अब तक लगातार सहरसा से क्राइम और स्वास्थ्य की खबरें संकलित करता हूं.

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