45 मिमी बारिश में डूबा सहरसा, सड़कों पर जलजमाव से जनजीवन प्रभावित, नगर निगम पर उठे सवाल

Saharsa Rain News: सहरसा में सुबह हुई 45 मिमी बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. प्रमुख सड़कों से लेकर गलियों तक में जलजमाव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बाजारों में भी ग्राहकों की कमी और दुकानदारों को दिक्कतें हुईं.

Saharsa Rain News: सहरसा में सोमवार तड़के हुई करीब 45 मिमी बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की एक बार फिर पोल खोल दी. कुछ घंटों की बारिश के बाद ही शहर की प्रमुख सड़कें, बाजार और कई आवासीय इलाके पानी में डूब गए. दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र, व्यापारी और आम लोग घंटों जलजमाव से जूझते रहे. बारिश थमने के बाद निकली तेज धूप ने उमस बढ़ा दी, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई.

45 मिमी बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी

सुबह हुई लगातार बारिश के बाद सहरसा नगर निगम क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव हो गया. डीबी रोड, शंकर चौक, थाना चौक, महावीर चौक, कायस्थ टोला, हटियागाछी, बंगाली बाजार, रिफ्यूजी कॉलोनी, कोसी कॉलोनी, न्यू कॉलोनी समेत कई वार्डों की सड़कें पानी में डूब गईं.

कई जगह नालियों का गंदा पानी भी सड़कों पर फैल गया. इससे लोगों को गंदे पानी के बीच होकर आवाजाही करनी पड़ी. सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, पैदल चलने वालों और स्कूली बच्चों को हुई.

हर साल दोहराई जाती है यही कहानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही शहर में जलजमाव की समस्या हर साल सामने आती है. आरोप है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम की कमी के कारण थोड़ी देर की बारिश भी शहर की व्यवस्था को ठप कर देती है.

कई मोहल्लों में घरों के बाहर घंटों तक पानी जमा रहा. इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई और कई इलाकों में आवागमन मुश्किल हो गया.

Saharsa Rain News: बाजारों पर भी पड़ा असर

बारिश का असर शहर के व्यापार पर भी साफ दिखाई दिया. सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम रही. कई दुकानदारों ने बताया कि जलजमाव के कारण ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच सके, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ.

सड़क किनारे दुकान लगाने वाले सब्जी और फल विक्रेताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. पानी भर जाने से कई स्थानों पर दुकानें लगाने में दिक्कत हुई.

बारिश के बाद तेज धूप ने बढ़ाई परेशानी

सुबह की बारिश से कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हो गया था, लेकिन बारिश रुकने के तुरंत बाद निकली तेज धूप ने उमस बढ़ा दी. जलजमाव और गर्मी के कारण लोगों को राहत मिलने के बजाय दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी.

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मौसम में वायरल संक्रमण और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में जलभराव वाले क्षेत्रों में सफाई और पानी निकासी बेहद जरूरी हो जाती है.

नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग

शहरवासियों ने नगर निगम प्रशासन से जलनिकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि केवल नालों की सफाई पर्याप्त नहीं है. जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित पंपिंग, ड्रेनेज नेटवर्क के विस्तार और बरसात से पहले व्यापक तैयारी की आवश्यकता है.

नागरिकों का मानना है कि जब तक शहर में दीर्घकालिक जलनिकासी योजना लागू नहीं होगी, तब तक हर बारिश के बाद लोगों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

सोमवार की 45 मिमी बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर हर मानसून में सहरसा को जलजमाव की समस्या से कब राहत मिलेगी.

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By Vinay Kumar Mishra

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