Saharsa Police: सहरसा में शनिवार को सदर थाना में अचानक पुलिसिंग की समीक्षा का फोकस बदल गया. कोशी क्षेत्र के डीआइजी डॉ कुमार आशीष का प्रस्तावित निरीक्षण और समीक्षा बैठक का कार्यक्रम स्थगित हो गया. इसके बाद पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग स्वयं सदर थाना पहुंचे और पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक घंटे से अधिक समय तक समीक्षा बैठक की.
एसपी के पहुंचते ही थाना स्तर पर लंबित कांडों, अनुसंधान की प्रगति, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी और वारंट निष्पादन की स्थिति खंगाली गयी. अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गयी.
बैठक का सीधा संदेश था कि लंबित मामलों को लेकर थाना स्तर पर अब किसी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी. एसपी ने अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के साथ मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया.
डीआइजी नहीं पहुंचे तो एसपी ने संभाली समीक्षा की कमान
सदर थाना में शनिवार को डीआइजी डॉ कुमार आशीष के निरीक्षण का कार्यक्रम निर्धारित था. किसी कारणवश उनका थाना पहुंचने का कार्यक्रम स्थगित हो गया.
इसके बाद एसपी विक्रम सिहाग खुद सदर थाना पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर थाना क्षेत्र में पुलिसिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की.
बैठक में सिर्फ लंबित मामलों की संख्या या स्थिति पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि यह भी देखा गया कि अलग-अलग कांडों में अनुसंधान किस स्तर तक पहुंचा है और फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है.
लंबित कांडों पर एसपी की नजर, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी तेज करने का निर्देश
समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने लंबित कांडों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली. अनुसंधान में हो रही प्रगति की भी समीक्षा की गयी.
उन्होंने फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही लंबित वारंट और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा.
एसपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जरूरी है. इससे न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को भी मजबूत किया जा सकेगा.
पुलिस की कार्रवाई का असर सीधे आम लोगों तक पहुंचे, एसपी ने दिया संदेश
बैठक के दौरान एसपी ने आम लोगों की शिकायतों के समयबद्ध और निष्पक्ष निष्पादन को पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच की जाये और आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो.
पुलिस के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी शिकायत पर कार्रवाई में देरी होने से लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है. एसपी ने बेहतर पुलिसिंग के साथ जनता का विश्वास मजबूत करने पर भी जोर दिया.
थाना परिसर में अभिलेख से मालखाने तक का निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद एसपी ने सदर थाना परिसर का भी निरीक्षण किया. उन्होंने विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लिया.
इस दौरान अभिलेखों के संधारण, मालखाना, हाजत, शस्त्रागार और कार्यालय व्यवस्था की समीक्षा की गयी.
एसपी ने रिकॉर्ड को अद्यतन और व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया. कार्यालय संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप करने को कहा गया.
थाना परिसर की साफ-सफाई, दस्तावेजों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया.
रात की गश्ती और वाहन जांच भी समीक्षा के केंद्र में
अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की मैदानी गतिविधियों की भी समीक्षा की गयी. एसपी ने रात्रि गश्ती, वाहन जांच अभियान और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी की जानकारी ली.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध की रोकथाम के लिए लगातार सतर्कता बरती जाये. संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया.
इसका उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ उसे रोकने के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाना है.
जनता से संवाद और जवाबदेही पर भी जोर
एसपी विक्रम सिहाग ने अधिकारियों को जनता के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि जवाबदेह पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और जनता के साथ बेहतर संवाद प्रभावी कानून-व्यवस्था की आधारशिला है.
उन्होंने थाना स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग जारी रखने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
Saharsa Police: अब निगाह लंबित मामलों के नतीजे पर
समीक्षा बैठक में दिए गये निर्देशों के बाद अब पुलिस के सामने इनका जमीन पर असर दिखाने की चुनौती है. लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, वारंट और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तथा रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाना प्राथमिकता में रहेगा.
डीआइजी का प्रस्तावित निरीक्षण भले ही स्थगित हो गया, लेकिन एसपी के खुद सदर थाना पहुंचकर समीक्षा करने से थाना स्तर की पुलिसिंग पर प्रशासन की निगरानी का संकेत जरूर मिला है.
