सहरसा में रेल ओवरब्रिज निर्माण ने पकड़ी रफ्तार,अगस्त तक पूरा होगा, जमीन अधिग्रहण बना चुनौती

Saharsa News: सहरसा के बंगाली बाजार रेल ओवरब्रिज निर्माण कार्य ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. हालांकि जमीन अधिग्रहण में देरी अब भी परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Saharsa News: लंबे समय से सुस्त पड़े बंगाली बाजार रेल ओवरब्रिज निर्माण कार्य में एक बार फिर तेजी आ गई है. ओवरब्रिज के लिए पाया निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब पूरब बाजार की ओर सब स्ट्रक्चर निर्माण तेजी से किया जा रहा है. हालांकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निर्माण एजेंसी को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है.

मनोहर स्कूल के पास पूरा हुआ अहम काम

पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार मनोहर उच्च विद्यालय के निकट बने दूसरे पाये पर सब स्ट्रक्चर का निर्माण पूरा कर लिया गया है. वहीं तीसरे पाये पर सेंटरिंग का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही वहां भी सब स्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा. सब स्ट्रक्चर बनने के बाद संबंधित पायों पर गाटर रखने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद ढलाई का काम किया जाएगा.

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पूरब बाजार की ओर छह पायों पर होगा निर्माण

बंगाली बाजार रेल ओवरब्रिज के लिए पूरब बाजार की ओर कुल सात पायों का निर्माण किया गया है. इनमें से छह पायों पर फिलहाल सब स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा. पुल निर्माण निगम के सहायक अभियंता बबलू कुमार ने बताया कि एक पाये पर सब स्ट्रक्चर निर्माण में लगभग 15 दिनों का समय लगता है. यदि कार्य इसी गति से चलता रहा तो अगस्त तक पूरब बाजार की ओर सभी छह पायों पर सब स्ट्रक्चर का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा.

बॉल बेयरिंग डिजाइन का इंतजार, तभी चढ़ेगा गाटर

ओवरब्रिज के निर्माण में अगला महत्वपूर्ण चरण गाटर चढ़ाने का है. इसके लिए बॉल बेयरिंग की आवश्यकता होगी, लेकिन अभी तक उसका अंतिम डिजाइन स्वीकृत नहीं हुआ है. सहायक अभियंता बबलू कुमार ने बताया कि बॉल बेयरिंग का डिजाइन जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है. अप्रूवल मिलते ही गाटर चढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

Saharsa News: जमीन अधिग्रहण में फंसा पेंच

ओवरब्रिज निर्माण में सबसे बड़ी बाधा भूमि अधिग्रहण बनी हुई है. प्रशासन को अधिग्रहण के लिए राशि प्राप्त हो चुकी है और प्रक्रियाएं भी लगभग पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अधिग्रहित जमीन पर बने भवनों के कारण काम प्रभावित हो रहा है. भवन निर्माण विभाग की टीम अधिग्रहित क्षेत्र में आने वाले मकानों की मापी कर रही है ताकि प्रभावित लोगों को मुआवजा निर्धारित किया जा सके.

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अभिनव भास्कर ने बताया कि भवनों की मापी का कार्य तेजी से चल रहा है. मापी पूरी होने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके बाद अधिग्रहित जमीन को खाली कराया जाएगा. इसके बाद ओवरब्रिज निर्माण कार्य और तेज गति से आगे बढ़ सकेगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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