सहरसा. व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया गया. इंचार्ज जिला जज सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष एक्साइज न्यायाधीश विवेक विशाल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तारिक मुस्तफा, जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग एवं जिला विधिवेत्ता संघ अध्यक्ष विनोद कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
लोक अदालत में दोनों पक्षों की जीत होती है : विवेक विशाल
इंचार्ज जिला जज विवेक विशाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक राष्ट्रीय पर्व की तरह है. इसमें पक्षकारों की सहमति और उनकी शर्तों के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाता है. सामान्य न्यायालय में जहां एक पक्ष की जीत और दूसरे पक्ष की हार होती है, वहीं लोक अदालत में दोनों पक्षों की जीत होती है. आपसी सहमति से विवादों के स्थायी समाधान के लिए लोक अदालत बेहतर माध्यम है.
आपसी समझौते से सहज होता है विवादों का समाधान
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार ने कहा कि लोक अदालत में पक्षकारों की सहमति और उनकी शर्तों के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाता है. आपसी समझौते के कारण कानून की जटिलताएं आड़े नहीं आतीं और विवाद का सहज समाधान संभव होता है.
बिना कोर्ट फीस के मामलों के निपटारे पर जोर
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि छोटे-मोटे विवादों के निपटारे के लिए लोक अदालत बेहतर मंच है. यहां आपसी सहमति से बिना कोर्ट फीस के मामलों का निष्पादन किया जाता है. इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होती है.
बैंक अधिकारियों से उदार रुख अपनाने की अपील
पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग ने बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से लोक अदालत में मामलों के निष्पादन के दौरान उदार रुख अपनाते हुए पक्षकारों को सहयोग करने की अपील की. उन्होंने ट्रैफिक चालान के मामलों को लेकर कहा कि जब तक लोग आते रहेंगे, तब तक उनके चालान के निष्पादन की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी.
17 बेंचों पर विभिन्न मामलों की सुनवाई
प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार कुद्दुस अंसारी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 17 बेंचों का गठन किया गया है. इन बेंचों पर सुलहनीय आपराधिक वाद, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक ऋण वसूली, विद्युत एवं पानी बिल, टेलीफोन बिल, नाप-तौल, वैवाहिक विवाद और ट्रैफिक चालान सहित विभिन्न मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निष्पादन किया जा रहा है.
न्यायिक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पक्षकार रहे मौजूद
कार्यक्रम में सीजेएम तनवीर कौर, एसीजेएम आशीष रंजन, नीशा कुमारी, कपिल देव, सुमन कुमारी, मुंसिफ मुकेश कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार, सुभम कुमार, अनवरा खातुन, रोहित अमृतांशु, अभिनव कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे. अधिवक्ता ज्योति कुमार सिंह सहित अन्य अधिवक्ता, बैंक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पक्षकार भी कार्यक्रम में उपस्थित थे.
