सहरसा. सहरसा-मानसी के बीच करीब 44 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण के लिए रेलवे बोर्ड से करीब 499 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी मिल गयी है. पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि दोहरीकरण के लिए 30 सितंबर तक टेंडर प्रक्रिया जारी हो सकती है. इसके लिए रेलवे की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं. दोहरीकरण का डिजाइन तैयार हो चुका है और इसी वर्ष काम शुरू होने की उम्मीद है.
बजट कम करने के बाद मिली वित्तीय मंजूरी
सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण के लिए शुरुआती प्रस्ताव में बजट अधिक होने के कारण रेलवे बोर्ड से वित्तीय मंजूरी नहीं मिल पा रही थी. इसके बाद दिसंबर 2025 में प्रस्तावित बजट को कम कर 500 करोड़ रुपये से कम किया गया और संशोधित प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया. इसके बाद करीब 499 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी मिली.
नये प्रारूप में स्टेशनों पर बढ़ेंगी रेल लाइनें
दोहरीकरण के बाद सहरसा-मानसी रेलखंड पर रेल लाइनों की संख्या बढ़ायी जायेगी. खासकर रेक प्वाइंट वाले स्टेशनों पर अतिरिक्त लाइनें विकसित किये जाने की उम्मीद है. वर्तमान में सहरसा से मानसी जंक्शन के बीच प्रमुख स्टेशनों पर तीन-तीन लाइनें हैं, जबकि हॉल्ट स्टेशनों पर सिंगल लाइन है.
प्रस्तावित प्रारूप के अनुसार सोनबरसा कचहरी स्टेशन पर सात और बदला घाट स्टेशन पर आठ लाइनें होने की उम्मीद है. वहीं परमिनिया हॉल्ट, बाबा रघुनी हॉल्ट और फेंगो हॉल्ट पर दो-दो लाइनें विकसित किये जाने की संभावना है. इससे ट्रेनों के परिचालन और क्रॉसिंग की व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है.
पांच बड़े स्टेशन और तीन हॉल्ट होंगे दोहरीकरण से जुड़े
करीब 44 किलोमीटर लंबे सहरसा-मानसी रेलखंड पर सोनबरसा कचहरी, सिमरी बख्तियारपुर, कोपरिया, धमारा घाट और बदला घाट पांच प्रमुख स्टेशन हैं. इसके अलावा परमिनिया, बाबा रघुनी और फेंगो हॉल्ट हैं. इस रेलखंड पर कोसी और बागमती नदी पर बने तीन बड़े पुल भी हैं, जहां से ट्रेनों का परिचालन होता है.
दोहरीकरण के बाद लंबी दूरी की ट्रेनों की उम्मीद
रेलखंड के दोहरीकरण के बाद सहरसा को लंबी दूरी की कई नई या विस्तारित ट्रेनों की सुविधा मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है. प्रस्तावों में सहरसा-हावड़ा वंदे भारत, दानापुर-सिकंदराबाद सुपरफास्ट के सहरसा तक विस्तार और सहरसा-रांची नीलांचल एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें शामिल बतायी जा रही हैं.
फिलहाल सहरसा-मानसी रेलखंड पर रोजाना 30 से अधिक मेल-एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन होता है. इसके अलावा करीब 10 से 12 मालगाड़ियां भी प्रतिदिन इस रेलखंड से गुजरती हैं. सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को एक-दूसरे को पास देने के लिए कई बार आउटसाइड किया जाता है, जिससे परिचालन प्रभावित होता है और यात्रियों को विलंब का सामना करना पड़ता है.
दोहरीकरण के बाद ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए लंबे समय तक रोकने और आउटसाइड करने की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है.
15 किलोमीटर की दूरी में 80 मिनट तक का लूज टाइम
सिमरी बख्तियारपुर से सहरसा की दूरी करीब 15 किलोमीटर है. इस रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा है. इसके बावजूद सिमरी बख्तियारपुर से सहरसा के बीच कई ट्रेनों के समय सारिणी में करीब एक घंटा 20 मिनट तक का समय निर्धारित है.
लूज टाइम के कारण कई बार ट्रेन निर्धारित समय से पहले सहरसा पहुंचने की स्थिति में आउटसाइड कर दी जाती है. ऐसे में महज 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन को एक से डेढ़ घंटे तक लग जाता है. दोहरीकरण के बाद लूज टाइम कम होने और ट्रेनों के समय में सुधार की उम्मीद है.
इन ट्रेनों में सिमरी-सहरसा के बीच है लूज टाइम
सिमरी बख्तियारपुर से सहरसा के बीच लूज टाइम वाली प्रमुख ट्रेनों में शामिल हैं:
- 13228 राजेंद्र नगर-सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस
- 13206 पाटलिपुत्र-सहरसा जनहित एक्सप्रेस
- 12204 अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस
- 11401 पुणे-सुपौल एक्सप्रेस
- 13163 सियालदह-सहरसा एक्सप्रेस
- 55524 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर
- 15280 आनंद विहार-सहरसा पुरवइया एक्सप्रेस
- 22351 बांद्रा-सहरसा हमसफर एक्सप्रेस
- 19483 अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस
वर्ष 2023 में कराया गया था सर्वे
सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण के लिए रेलवे बोर्ड के निर्देश पर वर्ष 2023 में सर्वे कराया गया था. करीब 80 लाख रुपये की लागत से कराये गये सर्वे की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी गयी थी. सर्वे का काम दिल्ली की एक एजेंसी को सौंपा गया था.
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