सहरसा से विनय कुमार मिश्र :
Saharsa Gayatri Parivar Yoga : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर योगाभ्यास एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक एवं गायत्री परिवार के सदस्य शामिल हुए. मुख्य वक्ता डॉ अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि योग भारत की अमूल्य देन है. जिसे आज पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है. उन्होंने कहा कि भगवान शिव योग के प्रणेता एवं महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया.
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनशैली, चिकित्सा, साधना एवं आत्मबोध का माध्यम है. उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं, परिवार, समाज, राष्ट्र एवं परमात्मा से जोड़ने का कार्य करता है. साथ ही मानसिक एकाग्रता, कुशलता एवं समभाव का विकास करता है. उन्होंने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार के माध्यम से देशभर में हजारों बाल संस्कारशालाएं संचालित की जा रही हैं. सहरसा में भी पिछले 15 वर्षों से विभिन्न स्थानों पर बाल संस्कारशालाओं के जरिए बच्चों को नैतिक शिक्षा, योग, खेल, रचनात्मक गतिविधियों एवं नशामुक्त जीवन का संदेश दिया जा रहा है.
जरूरतमंद बच्चों को समय-समय पर स्कूल ड्रेस, स्वेटर, कंबल, अध्ययन सामग्री सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती है. इस अवसर पर जीएम रंजीत कुमार ने गायत्री परिवार द्वारा मानवता के लिए किये जा रहे कार्यों की सराहना की. प्रकाश ठाकुर ने कहा कि योग व्यक्ति को निरोग बनाता है. पूर्व रॉव अधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि भारत ने दुनिया को योग की अनमोल विरासत दी है. वहीं हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार प्रजेश सिंह ने कहा कि योग तन एव मन को एक सूत्र में बांधता है. कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं गायत्री शक्तिपीठ परिवार के सदस्य मौजूद थे. अंत में सभी ने नियमित योग अपनाने का संकल्प लिया
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