सहरसा के स्कूलों में अचानक पहुंचे डीएम, ब्लैकबोर्ड संभालकर खुद बच्चों को पढ़ाया

सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने स्कूलों का अचानक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने स्वयं ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया.

Saharsa DM School Inspection: सहरसा में स्कूलों की पढ़ाई और व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने शनिवार को अचानक कक्षा का रुख किया और खुद ब्लैकबोर्ड संभाल लिया. उन्होंने बच्चों को पढ़ाया, उनके सवाल सुने और पढ़ाई से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान किया.

डीएम ने जिले के चार सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सिर्फ भवन और सुविधाओं की स्थिति नहीं देखी, बल्कि कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और पढ़ाई के स्तर को समझने की कोशिश की.

निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय में तीन शिक्षक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले. डीएम ने तीनों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया. वहीं दूसरे विद्यालय में खेल मैदान और बास्केटबॉल कोर्ट की खराब साफ-सफाई पर प्रधानाध्यापक से भी जवाब मांगा गया.

अचानक कक्षा में पहुंचे डीएम, बच्चों से पूछे पढ़ाई के सवाल

जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, वीर कुंवर सिंह चौक, कलावती उच्च विद्यालय बनगांव, प्रियव्रत उच्च विद्यालय पंचगछिया और उत्क्रमित अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय बराही का निरीक्षण किया.

विद्यालयों में पहुंचकर उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, कक्षाओं के संचालन, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

इसके बाद डीएम विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे. उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में पूछा.

इसी दौरान उन्होंने स्वयं ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाया. विद्यार्थियों के सवाल सुने और उनकी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान किया.

डीएम ने कहा, सिर्फ नंबर नहीं, समझ जरूरी

विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान डीएम ने नियमित अध्ययन, अनुशासन और परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया.

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मतलब केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है. शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में ज्ञान, आत्मविश्वास और भविष्य के लिए जरूरी क्षमताओं का विकास करना भी है.

डीएम ने शिक्षकों को कक्षाओं को अधिक संवादात्मक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने का निर्देश दिया, ताकि बच्चे सिर्फ पाठ याद न करें, बल्कि विषय को समझकर सवाल पूछने और खुद समाधान निकालने की क्षमता विकसित करें.

नौवीं से ऊपर के बच्चों के लिए NCERT पर जोर

निरीक्षण के दौरान कक्षा नौवीं और उससे ऊपर के विद्यार्थियों के लिए NCERT की पुस्तकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.

डीएम ने कहा कि किसी अध्याय को पूरा मानने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विद्यार्थी निर्धारित और अनसॉल्व्ड प्रश्नों को स्वयं हल करने में सक्षम हैं.

इसका उद्देश्य यह देखना है कि बच्चे सिर्फ शिक्षक की मदद से उत्तर लिख रहे हैं या वास्तव में विषय को समझ भी रहे हैं.

बच्चों की नियमित उपस्थिति पर भी सख्ती

डीएम ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

जो विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित रहते हैं, उनके अभिभावकों से विद्यालय स्तर पर समन्वय स्थापित करने को कहा गया. अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल के लिए नियमित पैरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित करने का निर्देश दिया गया.

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि स्कूल में नामांकन के साथ बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और पढ़ाई में भागीदारी भी सुनिश्चित हो.

तीन शिक्षक बिना सूचना मिले अनुपस्थित

निरीक्षण के दौरान कलावती उच्च विद्यालय बनगांव में तीन शिक्षक बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले.

इनमें जूही कुमारी, मनोरंजन कुमार सिंह और राजीव रंजन शामिल हैं.

डीएम ने तीनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया. अचानक निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की अनुपस्थिति सामने आने के बाद विद्यालयों में अनुशासन को लेकर प्रशासन के सख्त रुख का संकेत मिला.

खेल मैदान की बदहाली पर प्रधानाध्यापक से भी जवाब

उत्क्रमित अन्नपूर्णा उच्च माध्यमिक विद्यालय, बराही में निरीक्षण के दौरान बास्केटबॉल कोर्ट और खेल मैदान की साफ-सफाई एवं रखरखाव की स्थिति असंतोषजनक मिली.

डीएम ने इस पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक कामेश्वर सिंह आजाद से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होना चाहिए. खेल मैदान और अन्य सुविधाएं सिर्फ कागज पर उपलब्ध न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के नियमित उपयोग में भी आयें.

हर दिन आखिरी घंटी के बाद खेल जरूरी

विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए डीएम ने प्रत्येक दिन अंतिम घंटी के बाद खेलकूद की गतिविधियां अनिवार्य रूप से संचालित करने का निर्देश दिया.

विद्यालयों में उपलब्ध खेल मैदान और अन्य खेल संसाधनों के उचित रखरखाव पर भी जोर दिया गया.

प्रशासन का मानना है कि पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

स्मार्ट क्लास और ICT लैब के इस्तेमाल पर भी जोर

निरीक्षण के दौरान स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब समेत उपलब्ध डिजिटल संसाधनों की स्थिति भी देखी गयी.

डीएम ने शिक्षकों को डिजिटल और आईसीटी संसाधनों का नियमित एवं प्रभावी इस्तेमाल करने का निर्देश दिया. उनका जोर ऐसे शिक्षण माहौल पर रहा, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल बच्चों की समझ को बेहतर बनाने के लिए किया जाये.

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को सभी निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा.

Saharsa DM School Inspection: प्रशासन की प्राथमिकता में शिक्षा और अनुशासन

डीएम दीपेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग प्रशासन की प्राथमिकता है.

चार विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान जहां बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं को लेकर निर्देश दिये गये, वहीं लापरवाही मिलने पर जवाबदेही भी तय की गयी.

मौके पर नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्रीयांश तिवारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रौशन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राजीव रंजन समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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By Vinay Kumar Mishra

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