सहरसा में युवाओं को मिला स्टार्टअप का मंत्र, बाजार से लेकर फंडिंग तक की दी गयी जानकारी

सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित 'स्केल-अप एंड मार्केट एक्सेस' कार्यक्रम ने युवाओं को नौकरी के बजाय स्टार्टअप शुरू करने और उसे सफल बनाने के गुर सिखाए. विशेषज्ञों ने आइडिया को बाजार तक पहुंचाने, वित्तीय मदद और विस्तार की व्यावहारिक जानकारी दी.

Saharsa News: सहरसा में पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश करने के बजाय अगर अपना बिजनेस शुरू किया जाये, तो उसे बाजार तक कैसे पहुंचाया जाए? ग्राहक की जरूरत के मुताबिक उत्पाद कैसे तैयार हो? छोटे स्टार्टअप को बड़े कारोबार में कैसे बदला जाए? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में युवा विद्यार्थियों और उद्यमियों को व्यावहारिक जानकारी दी गयी.

उद्यमी दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कॉलेज के स्टार्टअप सेल की ओर से ‘स्केल-अप एंड मार्केट एक्सेस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में उद्यमिता, कारोबार के विस्तार, बाजार तक पहुंच और स्टार्टअप को विकसित करने से जुड़े पहलुओं पर विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किये.

कार्यक्रम का मकसद सिर्फ युवाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना नहीं था, बल्कि उन्हें यह समझाना भी था कि किसी आइडिया को वास्तविक कारोबार में बदलने के बाद बाजार में टिके रहने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

आइडिया से बाजार तक का सफर समझाया

कार्यक्रम में आर्यागो ट्रांसपोटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक निदेशक धीरज कुमार सिंह और निदेशक मनोज कुमार ठाकुर ने अपने उद्यमिता अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किये.

उन्होंने बताया कि स्टार्टअप शुरू करने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उसे आगे बढ़ाने और बाजार में अपनी जगह बनाने की होती है. इसके लिए बाजार की जरूरतों को समझना, ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुरूप उत्पाद विकसित करना और उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों की पहचान करना जरूरी है.

युवाओं को यह भी बताया गया कि किसी बिजनेस आइडिया की सफलता केवल उसके अनोखे होने पर निर्भर नहीं करती. बाजार में उसकी जरूरत और ग्राहकों तक उसकी पहुंच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.

वित्तीय मदद और बाजार की जानकारी भी मिली

कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मुकेश कुमार, परियोजना प्रबंधक स्वयंकांत राहुल और भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक सह जिला अग्रणी बैंक अधिकारी राज कुमार करमाकर समेत विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि और शिक्षाविद मौजूद रहे.

वक्ताओं ने युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में जानकारी दी. इसके साथ वित्तीय सहयोग और बाजार से जुड़ने के अवसरों को भी समझाया गया.

छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार बेहतर बिजनेस आइडिया होने के बावजूद पूंजी, बाजार और सही मार्गदर्शन के अभाव में स्टार्टअप आगे नहीं बढ़ पाते.

पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बना कार्यक्रम का आकर्षण

कार्यक्रम का खास आकर्षण गोल्डनगर्ल्स वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का शुभारंभ रहा.

कंपनी की संस्थापक निदेशक अदिति कुमारी और सह संस्थापक सृष्टि स्वरूप व काजल रानी ने अपने उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

पर्यावरण संरक्षण को कारोबार और नवाचार से जोड़ने की इस पहल को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया गया. इससे युवाओं के सामने यह उदाहरण भी आया कि पर्यावरण से जुड़ी समस्या को व्यावसायिक अवसर में बदलकर स्टार्टअप तैयार किया जा सकता है.

‘नये विचारों को सिर्फ कल्पना तक सीमित न रखें’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अकादमिक प्रभारी मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के महत्व के बारे में बताया.

उन्होंने युवाओं से अपने नये विचारों को केवल कल्पना तक सीमित नहीं रखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि नवाचार और स्टार्टअप के माध्यम से विचारों को व्यावहारिक रूप दिया जा सकता है.

यह संदेश उन विद्यार्थियों के लिए खास है, जिनके पास बिजनेस या तकनीक से जुड़े विचार तो हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं है.

कॉलेज में स्टार्टअप का माहौल बनाने की कोशिश

सहरसा जैसे शहर में इंजीनियरिंग कॉलेज के स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को स्थानीय स्तर पर उद्यमिता के विकल्पों से जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं.

नौकरी की सीमित संभावनाओं के बीच स्टार्टअप और स्वरोजगार युवाओं के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार कर सकते हैं. इसके साथ सफल स्टार्टअप दूसरे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकते हैं.

कार्यक्रम में विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और अपने व्यावसायिक विचारों को बाजार तक पहुंचाने को लेकर उत्साह देखने को मिला.

Saharsa News: इनकी रही अहम भूमिका

कार्यक्रम की सफलता में संकाय प्रभारी सहायक प्राध्यापक पूनम कुमारी, जिला स्टार्टअप सेल समन्वयक राहुल कुमार तथा छात्र समन्वयक रोहित, जायद, अल्ताफ, निभा और आयुष की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

आपसी समन्वय और सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.

Also Read: दिल्ली में निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर के साथ सम्राट चौधरी की हाईलेवल मीटिंग, नेपाल डैम से बिहार के फंड तक, जानिए क्या है पूरा एजेंडा

Also Read: ज्योति सिंह ने पवन सिंह के लिए इंस्टा पर लगाई स्टोरी, लिखा- प्रिय पतिदेव, इस बार तुम्हारी कहानी नहीं बनना चाहती



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar Mishra

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >