Saharsa News: सावन माह के पावन अवसर पर सहरसा के बनगांव नगर परिषद स्थित बाबाजी कुट्टी स्थान में आयोजित 21 दिवसीय शिव पुराण कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. धार्मिक आयोजन के दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक मारुती किंकर ने कहा कि शिव पुराण कथा का श्रवण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है.
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है और इस दौरान की गई पूजा, अभिषेक और कथा श्रवण व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक शक्ति का संचार करता है.
सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व
मारुती किंकर ने कहा कि सनातन परंपरा में सावन को अत्यंत पवित्र माना गया है. इस महीने में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, शिवलिंग का जलाभिषेक और शिव पुराण कथा का नियमित श्रवण मन को स्थिरता, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है.
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और मानसिक तनाव के बीच धार्मिक और आध्यात्मिक साधना व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है. इसलिए प्रत्येक श्रद्धालु को सावन में भगवान शिव की नियमित आराधना करनी चाहिए.
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
बाबाजी कुट्टी स्थान में चल रही 21 दिवसीय शिव पुराण कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं. कथा स्थल पर पूरे क्षेत्र से आए महिला, पुरुष और युवा भक्त भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर रहे हैं.
आयोजन के दौरान पूरा वातावरण हर-हर महादेव और शिव भक्ति के जयघोष से भक्तिमय बना रहा.
जदयू नेता ने किया सम्मान
कथा स्थल पर पहुंचे जदयू नेता रंजीत कुमार सिंह बबलू ने क्षेत्रवासियों की ओर से कथा वाचक मारुती किंकर का माला पहनाकर स्वागत और सम्मान किया. उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में नैतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं.
उन्होंने आयोजन के लिए बनगांव के ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी सशक्त बनाते हैं.
Saharsa News: आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना बनगांव
21 दिवसीय शिव पुराण कथा के कारण इन दिनों बनगांव नगर परिषद का बाबाजी कुट्टी स्थान श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्र बना हुआ है. स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में भी धार्मिक संस्कार और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है.
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