सहरसा में खाद की नहीं होगी कमी, कृषि टास्क फोर्स बैठक में DM ने दिए निर्देश

Saharsa News: सहरसा जिले के किसानों के लिए अच्छी खबर है. खरीफ सीजन में यूरिया, डीएपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है. जिलाधिकारी ने खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर कड़ी नकेल कसने के सख्त निर्देश दिए हैं.

Saharsa News: खरीफ सीजन के बीच सहरसा के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. जिले में यूरिया, डीएपी समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में डीएम दीपेश कुमार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए, ताकि किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद मिल सके.

खरीफ फसलों की बुआई के बीच किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई. डीएम ने अधिकारियों को उर्वरकों के भंडारण, वितरण और बिक्री पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी और मुनाफाखोरी न हो.

जिले में यूरिया, डीएपी समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिले में किसानों की जरूरत के अनुरूप उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है. वर्तमान में जिले में 1,90,898 बैग यूरिया, 86,797 बैग डीएपी, 58,691 बैग एमओपी, 89,401 बैग एनपीके और 11,451 बैग एसएसपी उपलब्ध हैं.

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी उर्वरक विक्रेताओं की नियमित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध हो.

मिट्टी जांच अभियान में तेजी लाने का निर्देश

सहायक निदेशक (रसायन) ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 2,809 मिट्टी नमूने एकत्र करने का लक्ष्य मिला है. लक्ष्य के अनुरूप कार्य जारी है. इस पर जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार वैज्ञानिक खेती की सलाह दी जा सके.

जुलाई में सामान्य से काफी कम हुई बारिश

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में वर्षामापी यंत्र कार्यरत हैं. एक से छह जुलाई तक जिले में केवल 12.40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि जुलाई महीने का सामान्य औसत वर्षापात 78.40 मिलीमीटर है. कम बारिश को देखते हुए कृषि गतिविधियों पर भी चर्चा की गई.

Saharsa News: कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को दिया प्रशिक्षण

कृषि विज्ञान केंद्र, अगवानपुर के प्रतिनिधि ने बताया कि अब तक आठ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 297 किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई. इसके अलावा केंद्र में एक हेक्टेयर क्षेत्र में सबौर मखाना-1 तथा 12 हेक्टेयर क्षेत्र में धान बीज उत्पादन का कार्य चल रहा है.

सिंचाई व्यवस्था और नलकूपों की स्थिति की समीक्षा

सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मुख्य नहर में रीमॉडलिंग और रखरखाव कार्य के कारण फिलहाल पानी की आपूर्ति बंद है. कार्य पूरा होने के बाद नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाएगा.

वहीं लघु सिंचाई प्रमंडल ने जानकारी दी कि जिले के 60 सरकारी नलकूपों में 49 चालू हैं, जबकि 11 नलकूपों की मरम्मत के लिए प्राक्कलन भेजा गया है.

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पशुपालन और पीएमएफएमई योजना की भी हुई समीक्षा

जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि 6.28 लाख पशुओं के टीकाकरण लक्ष्य के मुकाबले अब तक 6.24 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है. साथ ही बर्ड फ्लू की जांच के लिए लिए गए 315 नमूनों में कोई भी मामला सामने नहीं आया.

महाप्रबंधक उद्योग ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 166 आवेदन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल चार आवेदनों को बैंकों ने स्वीकृति दी है. इस पर डीएम ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया.

बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्योग, सिंचाई, विद्युत, नाबार्ड, जीविका, कृषि विज्ञान केंद्र और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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