सहरसा जिले के रामपुर गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले के समापन के अवसर पर आजाद युवा विचार मंच की रामपुर इकाई द्वारा भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में गांव के दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मंच की ओर से मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.
इस गरिमामयी आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति नया उत्साह भरना और क्षेत्र में शैक्षणिक जागरूकता का व्यापक प्रसार करना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के रामपुर इकाई के संरक्षक मंडल सदस्य व वरिष्ठ शिक्षाविद तेजेंद्र झा उर्फ खेलन झा ने की, जबकि मंच संचालन शैलेश कुमार झा और कार्यक्रम का संयोजन सूरज झा द्वारा किया गया.
अतिथियों का हुआ अंगवस्त्र से स्वागत, तालियों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ आगत अतिथियों को पारंपरिक अंगवस्त्र और पाग भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुआ. इसके उपरांत परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया. अपने लाडलों को सम्मानित होते देख उपस्थित अभिभावकों और ग्रामीणों के चेहरे गर्व से खिल उठे.
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंच के संस्थापक संरक्षक मंडल सदस्य एवं बनगांव के पूर्व मुखिया धनंजय झा उर्फ भगवान जी उपस्थित रहे. विशिष्ट अतिथि के तौर पर बैजनाथपुर थाना की मधु कुमारी, मंच के संरक्षक व पूर्व वार्ड पार्षद मिथिलेश झा, वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश झा, संयोजक मृत्युंजय झा, कोष प्रभारी प्रणव प्रेम और उपाध्यक्ष संजीव कुमार झा ने शिरकत की.
सूखे नशे के दौर में शिक्षा ही बनेगी ढाल: धनंजय झा
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि धनंजय झा ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में ऐसी प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें सम्मानित करना बच्चों के भीतर कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास जगाता है.
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूखे नशे का जाल तेजी से पैर पसार रहा है. कम उम्र के युवाओं को इस दलदल से बचाने का एकमात्र जरिया शिक्षा और खेलकूद से जोड़ना है. ऐसे माहौल में आजाद युवा विचार मंच का यह प्रयास समाज के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.
शिक्षित समाज ही कर सकता है सशक्त राष्ट्र का निर्माण
वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. पितांबर मिश्रा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही सशक्त और समृद्ध समाज की नींव रख सकता है. आज के दौर में जब युवा भटक रहे हैं, तब बच्चों में पठन-पाठन और उच्च नैतिक मूल्यों के प्रति ललक पैदा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
समारोह में शिवा कुमार, नटवर कुमार, रिक्की कुमार, हृदय कुमार मिश्रा, शिवम कुमार बिल्लू, गजमोहन झा, गौरीशंकर ठाकुर, शीतल साह, माहेश्वर साह और नुनु ठाकुर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, अभिभावक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे.