महिषी (सहरसा) : मुख्यालय पंचायत महिषी उत्तरी के लोगों की आस्था के केंद्र रामशाला में पिछले एक सप्ताह से चल रहे नौ दिवसीय रामचरित मानस पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. मानव कल्याण और विश्व शांति की कामना को लेकर दशकों पहले ग्रामीणों ने सावन पूर्णिमा के अवसर पर रामायण पाठ की शुरुआत की थी. ग्रामीणों के सार्वजनिक सहयोग से आज भी इस धार्मिक परंपरा का प्रतिवर्ष निर्वहन किया जा रहा है.
सस्वर मानस पाठ बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
वरिष्ठ रामायणी माहेश्वर चौधरी की अगुवाई में डॉ. आनंद दत्त झा, अभय कुमार झा, सतीश राय, भानु प्रकाश, सुंदर कांत चौधरी, दिगंबर झा, बहुरण सिंह सहित अन्य मानस पाठकों द्वारा सस्वर रामचरित मानस का पाठ किया जा रहा है.
आयोजन के मुख्य बिंदु
- रामशाला में नौ दिवसीय रामचरित मानस पाठ का आयोजन.
- सावन पूर्णिमा से चली आ रही दशकों पुरानी परंपरा.
- मानव कल्याण और विश्व शांति की कामना से आयोजन.
- प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
- शनिवार को हवन और संकीर्तन के साथ होगी पूर्णाहुति.
मानस पाठ सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामशाला पहुंच रहे हैं. श्रद्धालु रामशाला में नमन-वंदन कर भगवान से अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं. सस्वर पाठ और भक्ति के माहौल से रामशाला परिसर में दिनभर आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है.
हवन-कीर्तन के साथ शनिवार को होगी पूर्णाहुति
आयोजकों ने बताया कि शनिवार को हवन और संकीर्तन के साथ नौ दिवसीय रामचरित मानस पाठ की पूर्णाहुति होगी. पूर्णाहुति के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. आयोजन को लेकर ग्रामीणों में भी खास उत्साह है.
