SAHARSA हवाई अड्डे से उड़ान सेवा शुरू होने से कोसी प्रमंडल के लोगों को मिलेगा लाभ

जिला मुख्यालय स्थित हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है. जिससे इसका आकार 77 एकड़ हो जाएगा.

सहरसा मुख्यालय से विनय कुमार मिश्र :

जिला मुख्यालय स्थित हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है. जिससे इसका आकार 77 एकड़ हो जाएगा. इसके लिए रनवे का विस्तार किया जाएगा एवं इसे 854 मीटर से बढ़ाकर 1121 मीटर किया जाएगा. रनवे विस्तार के लिए 15 एकड़ जमीन अधिग्रहण की राशि जिला को आवंटित कर दी गयी है. जिसमें से 12 एकड़ जमीन पहले ही चिह्नित की जा चुकी है एवं तीन एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गयी है. सहरसा हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए टर्मिनल बिल्डिंग, पार्किंग सुविधा, जहाज खड़ा करने का पार्किंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम, पायलट के लिए रेस्ट फैसिलिटी जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी एवं लोगों को हवाई सेवा का लाभ मिलेगा. सहरसा हवाई अड्डे से उड़ान सेवा शुरू होने से कोसी प्रमंडल के तीनों जिले सहरसा, मधेपुरा एवं सुपौल के अलावा बगल के खगड़िया जिले के लोगों को भी काफी लाभ होगा. इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद, सहरसा हवाई अड्डा क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा.

उठाये जा रहे हैं महत्वपूर्ण कदम

एयरपोर्ट के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है. हाल ही में, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एयरपोर्ट के सिविल वर्क के लिए टेंडर जारी किया है. जिसके तहत 35.14 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना के पूरा होने के बाद सहरसा एवं आसपास के क्षेत्रों के लगभग 20 लाख लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी. एयरपोर्ट के विकास से न केवल क्षेत्रीय हवाई सेवाएं बढ़ेंगी. बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेगी.

कोड दो बी प्रकार के विमानों का होगा संचालन

एयरपोर्ट के मास्टर प्लान के अनुसार, इसमें कोड दो बी प्रकार के विमानों के संचालन के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही है. इस प्लान में पूर्वनिर्मित प्री-फैब्रिकेटेड टर्मिनल भवन का निर्माण, अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर का निर्माण सहित अन्य आवश्यक सहायक भवनों का निर्माण होगा. 20 सीट वाला विमान इस एयरपोर्ट से उड़ान भरने के लिए अनुमोदित है. एयरपोर्ट आपदा के समय राहत कार्यों में भी मदद करेगा. इस परियोजना की अनुमानित लागत 35.14 करोड़ है एवं इसे 450 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है. इसके पूरा होने से क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा.

यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

सहरसा हवाई अड्डे के निर्माण कार्य पूर्ण होने का अभी समय निर्धारित नहीं किया गया है. उम्मीद है की यह अगले एक से दो वर्ष के भीतर शुरू हो सकता है. इसकी शुरुआत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने एवं निर्माण कार्य के पूरा होने पर निर्भर करेगा. वर्तमान में सहरसा हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए काम चल रहा है. जिसमें रनवे का विस्तार एवं नए टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है. सहरसा हवाई अड्डा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार करने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करेगा. यह क्षेत्र के लोगों को हवाई सेवाओं का लाभ प्रदान करेगा एवं व्यापार, पर्यटन एवं अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देगा.

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By AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

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