पतरघट में कोरेक्स व स्मैक का अवैध कारोबार तेज, युवा पीढ़ी हो रही प्रभावित

स्थानीय लोगों के अनुसार पतरघट बाजार, पस्तपार बाजार, गोलमा बैंक चौक, विशनपुर हटिया चौक, कहरा मोड़ चौक और धबौली बैंक चौक सहित कई इलाकों में नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं. 15 से 25 वर्ष की आयु के युवा सबसे अधिक इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है.

पतरघट (सहरसा) से राजेश कुमार सिंह की रेएपोर्ट:
सहरसा: पतरघट क्षेत्र में प्रतिबंधित कफ सिरप कोरेक्स, स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. चाय-पान की गुमटियों से लेकर किराना दुकानों तक इन नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री होने के आरोप लग रहे हैं.

स्थानीय लोगों के अनुसार पतरघट बाजार, पस्तपार बाजार, गोलमा बैंक चौक, विशनपुर हटिया चौक, कहरा मोड़ चौक और धबौली बैंक चौक सहित कई इलाकों में नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं. 15 से 25 वर्ष की आयु के युवा सबसे अधिक इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि शराबबंदी के बाद कोरेक्स और स्मैक का कारोबार तेजी से बढ़ा है. पहले जहां यह केवल दवा दुकानों तक सीमित था, अब यह चाय-पान की गुमटियों, किराना दुकानों और गांव-देहात तक पहुंच गया है. कई जगहों पर इसकी खाली बोतलें खेतों और पगडंडियों पर भी बिखरी मिलती हैं.

प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगाने की मांग लगातार तेज हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की शिथिलता के कारण तस्कर बेखौफ होकर कारोबार चला रहे हैं. हालांकि पुलिस के लिए इस पर नियंत्रण चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है, क्योंकि कोरेक्स का सेवन ब्रेथ एनलाइजर से पकड़ में नहीं आता.

जानकारों के अनुसार कोरेक्स सिरप पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है. पुलिस और औषधि नियंत्रण प्रशासन द्वारा अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई होती है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण प्रभावी रोकथाम नहीं हो पा रही है.

प्रतिबंधित कफ सिरप की एमआरपी 132 रुपये है, लेकिन इसे अवैध रूप से 200 से 250 रुपये तक में बेचा जा रहा है. ऐसे में इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग को संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाने की आवश्यकता बताई जा रही है।

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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