सहरसा के पंचगछिया में खुलेगा संगीत महाविद्यालय? मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश के बाद बढ़ी उम्मीद

सहरसा के पंचगछिया और आसपास के छात्रों के लिए संगीत शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी खबर आई है. राज्य सरकार ने पंचगछिया में संगीत महाविद्यालय की स्थापना की मांग पर कार्रवाई शुरू कर दी है. सांसद के अनुरोध पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया है.

Saharsa News: सहरसा के पंचगछिया और आसपास के छात्र-छात्राओं के लिए संगीत शिक्षा के क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आयी है. सत्तरकटैया प्रखंड के पंचगछिया में संगीत महाविद्यालय की स्थापना की मांग पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है. सांसद दिनेश चंद्र यादव की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भेजे गये अनुरोध पत्र पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने संज्ञान लिया है.

मुख्यमंत्री सचिवालय ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सचिवालय से मिले इस निर्देश के बाद पंचगछिया में संगीत महाविद्यालय की स्थापना की उम्मीद मजबूत हुई है. हालांकि, अभी महाविद्यालय खोलने की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और आगे की प्रक्रिया कला एवं संस्कृति विभाग की जांच के बाद स्पष्ट होगी.

सांसद के पत्र पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने लिया संज्ञान

सांसद दिनेश चंद्र यादव ने 2 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ई-मेल के माध्यम से पंचगछिया में संगीत महाविद्यालय स्थापित करने का अनुरोध किया था.

इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने कार्रवाई शुरू करते हुए कला एवं संस्कृति विभाग को पत्र भेजा है. मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव अभिषेक श्रीवास्तव ने 19 अगस्त को विभाग के सचिव को पत्र भेजकर सांसद के अनुरोध पर नियमानुसार जांच-पड़ताल कर समुचित निर्णय लेने को कहा है.

इससे साफ है कि अब प्रस्ताव विभागीय स्तर पर पहुंच चुका है और इसकी व्यवहार्यता समेत अन्य पहलुओं की जांच की जानी है.

विभाग करेगा जांच, फिर तय होगी आगे की दिशा

मुख्यमंत्री सचिवालय ने कला एवं संस्कृति विभाग को मामले में आवश्यक छानबीन करने का निर्देश दिया है. विभाग को जांच के बाद उचित निर्णय लेने के साथ की गयी कार्रवाई की जानकारी सांसद दिनेश चंद्र यादव को देने को कहा गया है.

इसके अलावा कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री सचिवालय को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

यानी फिलहाल मामला मांग और अनुरोध से आगे बढ़कर सरकारी विभाग की जांच प्रक्रिया तक पहुंच गया है. अब पंचगछिया के लोगों की नजर कला एवं संस्कृति विभाग के अगले कदम पर है.

पंचगछिया में संगीत शिक्षा की लंबे समय से जरूरत

सत्तरकटैया प्रखंड के पंचगछिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में संगीत और कला के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए बेहतर संस्थान की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है.

स्थानीय छात्र-छात्राओं को संगीत की विधिवत उच्च शिक्षा के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है. ऐसे में अगर पंचगछिया में संगीत महाविद्यालय की स्थापना होती है, तो क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए अपने इलाके में ही उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध हो सकता है.

इसका लाभ केवल पंचगछिया तक सीमित नहीं रहेगा. सत्तरकटैया प्रखंड के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए भी संगीत शिक्षा का नया केंद्र विकसित हो सकता है.

स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका

ग्रामीण क्षेत्रों में संगीत और कला से जुड़ी कई प्रतिभाएं संसाधनों और उचित प्रशिक्षण के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाती हैं. स्थानीय स्तर पर महाविद्यालय खुलने से ऐसी प्रतिभाओं को औपचारिक शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिल सकता है.

संगीत में उच्च शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के लिए आगे शोध, अध्यापन और कला के क्षेत्र में करियर की संभावनाएं भी बन सकती हैं.

इसी वजह से पंचगछिया में प्रस्तावित संगीत महाविद्यालय को स्थानीय लोगों की उम्मीदों से जोड़कर देखा जा रहा है.

Saharsa News: अब कला एवं संस्कृति विभाग की कार्रवाई पर नजर

मुख्यमंत्री सचिवालय का पत्र सामने आने के बाद प्रस्ताव को लेकर उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन महाविद्यालय की स्थापना की अंतिम तस्वीर अभी बाकी है.

अब कला एवं संस्कृति विभाग प्रस्ताव की जांच करेगा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगा. इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पंचगछिया में संगीत महाविद्यालय की स्थापना को लेकर सरकार किस स्तर पर आगे बढ़ती है.

फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश को पंचगछिया और आसपास के क्षेत्र में संगीत शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआती कदम माना जा रहा है.

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By Vinay Kumar Mishra

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