बेटे की मौत का दर्द, ब्याज पर पैसे लेकर किया श्राद्ध भोज

बेटे की मौत का दर्द, ब्याज पर पैसे लेकर किया श्राद्ध भोज

मां की आंखों में अब भी मुआवजे की उम्मीद सिमरी बख्तियारपुर. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे ने सलखुआ प्रखंड के कई परिवारों की खुशियां छीन ली. इस दर्दनाक हादसे में प्रखंड के तीन मजदूरों की मौत हो गयी. इनमें सलखुआ प्रखंड निवासी मसिंद्र सदा की मौत ने उनके परिवार को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है. बेटे की मौत के बाद घर में मातम पसरा है और परिजन अब भी सदमे से उबर नहीं पाये हैं. मसिंद्र सदा की मां फूलो देवी बेटे को याद कर फूट-फूटकर रो पड़ती हैं. आंखों में आंसू लिए वह बताती हैं कि जैसे-तैसे गांव और रिश्तेदारों से ब्याज पर पैसे लेकर बेटे का श्राद्धकर्म और भोज कराया. लेकिन अब तक सरकार की ओर से किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है, जिससे परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ गयी है. फूलो देवी ने रोते-बिलखते कहा कि घटना से दो दिन पहले ही बेटे से फोन पर बात हुई थी. उस समय मसिंद्र ने कहा था कि अगले महीने घर आयेंगे और अपनी इकलौती बहन की शादी धूमधाम से करेंगे. मां बताती हैं कि बहन की शादी को लेकर वह हमेशा चिंतित रहता था और परिवार के लिए दिन-रात मजदूरी करता था. लेकिन किसे पता था कि वह घर लौटने के बजाय हमेशा के लिए दुनिया छोड़ देगा. परिवार पर दुखों का पहाड़ पहले ही टूट चुका था. मसिंद्र के पिता सक्को सदा की कुछ महीने पहले ही बीमारी के कारण मौत हो गयी थी. पिता के गुजर जाने के बाद मसिंद्र ही घर का एकमात्र कमाने वाला सहारा था. वह मजदूरी कर मां और बहन का पेट पाल रहा था. लेकिन प्रयागराज में हुए इस हादसे ने मां और बहन से उनका आखिरी सहारा भी छीन लिया. अब घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा है. मां और बहन दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है. फूलो देवी कहती हैं कि बेटे की मौत के बाद घर की हालत और खराब हो गयी है. श्राद्धकर्म के लिए भी ब्याज पर पैसे लेने पड़े. अब चिंता इस बात की है कि कर्ज कैसे चुकाया जाएगा और बेटी की शादी कैसे होगी. गांव के लोग भी इस घटना से दुखी हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मृतक मजदूर के परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा और सरकारी सहायता दी जाये, ताकि पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिल सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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