नवहट्टा में कटाव ने बढ़ाई दहशत, सैकड़ों घरों पर खतरा; बिरजायन-रसलपुर पहुंचे अधिकारी

सहरसा के नवहट्टा प्रखंड में एक महीने से जारी कटाव ने ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. सत्तौर और नौला पंचायतों में स्थिति गंभीर है, जहाँ सैकड़ों घर और कई किलोमीटर सड़कें इसकी चपेट में आ चुकी हैं. प्रशासन ने स्थलीय निरीक्षण कर राहत की उम्मीद जगाई है.

Saharsa Flood News: सहरसा के नवहट्टा प्रखंड में पिछले एक महीने से जारी कटाव अब ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बन गया है. सत्तौर पंचायत के बिरजायन और नौला पंचायत के रसलपुर गांव में कटाव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. सैकड़ों घर इसकी चपेट में आ चुके हैं, जबकि कई किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है.

कटाव की रफ्तार ने उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके घर और जमीन इसके दायरे में आ रहे हैं. लगातार मिट्टी खिसकने से ग्रामीणों को आशंका है कि स्थिति और बिगड़ी तो कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन ने अब प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का आकलन शुरू किया है.

डीएम के निर्देश पर गांव पहुंची अधिकारियों की टीम

शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम आपदा मुकेश कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम बिरजायन और रसलपुर पहुंची. टीम में बीडीओ प्रिया भारती, जल संसाधन विभाग के चंद्रायण डिवीजन के अभियंता, आरडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता और प्रखंड प्रमुख शमीम अख्तर शामिल थे.

अधिकारियों ने दोनों गांवों में कटाव प्रभावित इलाकों का पैदल और स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान कटाव से क्षतिग्रस्त घरों और सड़कों की स्थिति को देखा गया. अधिकारियों ने यह भी समझने की कोशिश की कि कटाव किस क्षेत्र में सबसे अधिक तेजी से बढ़ रहा है.

सैकड़ों घरों पर मंडरा रहा खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक माह से अधिक समय से लगातार हो रहे कटाव के कारण स्थिति बिगड़ती गयी है. कई घर इसकी चपेट में आ चुके हैं और कई किलोमीटर सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गयी है.

ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता घरों के साथ-साथ आने-जाने के रास्तों को लेकर है. सड़क के क्षतिग्रस्त होने से दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है. यदि कटाव इसी तरह जारी रहा, तो प्रभावित इलाकों में आवागमन और सामान्य जनजीवन के सामने और बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है.

ग्रामीणों ने अधिकारियों को बतायी अपनी परेशानी

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत की. ग्रामीणों ने उन्हें कटाव की मौजूदा स्थिति, क्षतिग्रस्त घरों और सड़क की समस्या के बारे में जानकारी दी.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द राहत और कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. ग्रामीणों की चिंता केवल मौजूदा नुकसान तक सीमित नहीं है. उन्हें डर है कि यदि समय रहते कटाव पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है.

राहत और बचाव के उपायों पर हुआ मंथन

अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति देखने के साथ राहत और बचाव के संभावित उपायों पर भी जानकारी ली. कटाव से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और समस्या से निजात दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा की गयी.

प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाये जायेंगे. जल संसाधन विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी से कटाव रोकने तथा क्षतिग्रस्त सड़क से जुड़ी समस्याओं के तकनीकी पहलुओं को भी समझने की कोशिश की गयी.

Saharsa Flood News: अब कार्रवाई का इंतजार

निरीक्षण के बाद प्रभावित परिवारों की उम्मीद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है. ग्रामीण चाहते हैं कि कटाव को रोकने के लिए जल्द ठोस उपाय किये जाएं, ताकि उनके घर और आवागमन के रास्ते सुरक्षित रह सकें.

मौके पर सत्तौर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि तेज नारायण यादव सहित कई स्थानीय लोग मौजूद थे. प्रशासन की ओर से स्थिति का जायजा लेने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कटाव रोकने और प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए किस स्तर पर और कितनी तेजी से कार्रवाई की जाती है.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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