रस्साकशी में छात्राओं ने लगाया पूरा जोर, म्यूजिकल चेयर में भी दिखा उत्साह, सहरसा में याद किए गए मेजर ध्यानचंद

राष्ट्रीय खेल दिवस पर ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में खेल भावना का माहौल रहा. रस्साकशी और म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया. महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद कर स्वस्थ जीवनशैली का संकल्प लिया गया.

National Sports Day 2026: सहरसा में रस्सी के दोनों छोर पर खड़े छात्र-छात्राओं की निगाहें एक-दूसरे पर थीं. सीटी बजी और मुकाबला शुरू होते ही दोनों ओर से पूरा जोर लगने लगा. तालियों और उत्साह के बीच रस्साकशी का यह मुकाबला राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम का खास आकर्षण रहा. इसके बाद म्यूजिकल चेयर सहित कई प्रतियोगिताओं में छात्राध्यापकों और छात्राध्यापिकाओं ने जमकर हिस्सा लिया.

मौका था शनिवार को नगर निगम क्षेत्र के पटुआहा स्थित ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह का. कार्यक्रम में महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद किया गया और विद्यार्थियों को खेल, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व बताया गया.

मेजर ध्यानचंद की कहानी से मिली मेहनत की सीख

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने मेजर ध्यानचंद के जीवन और भारतीय हॉकी में उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन के कारण मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है.

वक्ताओं ने छात्राध्यापकों से उनके जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की. कहा गया कि मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियां केवल उनकी खेल प्रतिभा की कहानी नहीं हैं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति लगातार समर्पण की भी मिसाल हैं.

राष्ट्रीय खेल दिवस को ऐसे महान खिलाड़ी की स्मृति से जोड़ने का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना भी रहा.

रस्साकशी में छात्राओं ने दिखाया दम

कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिताओं में रस्साकशी ने खासा उत्साह पैदा किया. छात्राध्यापकों और छात्राध्यापिकाओं ने बढ़-चढ़कर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया.

रस्साकशी के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी पूरी ताकत लगायी. मुकाबले के दौरान साथी प्रतिभागियों और दर्शकों का उत्साह भी देखने को मिला. कार्यक्रम की तस्वीरों में छात्राओं का रस्साकशी में हिस्सा लेना आयोजन के खास पलों में शामिल रहा.

म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया. खेल गतिविधियों के बीच कॉलेज परिसर में माहौल मनोरंजक और जीवंत बना रहा.

खेल से सिर्फ शरीर नहीं, व्यक्तित्व भी मजबूत होता है

कार्यक्रम में छात्राध्यापकों को खेल के महत्व के बारे में बताया गया. बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत कुमार मिश्रा, प्राध्यापक प्रमुख डॉ. प्रियंका पांडेय और महाविद्यालय के प्राध्यापक सह जनसंपर्क पदाधिकारी अभय मनोज ने विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक किया.

उन्होंने खेलों को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए नियमित अभ्यास और अनुशासन को जरूरी बताया. कहा गया कि पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भागीदारी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

खेलों से शरीर को स्वस्थ रखने के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है. यही गुण आगे चलकर विद्यार्थियों के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में भी उपयोगी साबित होते हैं.

टीमवर्क की सीख भी मिली

महाविद्यालय के फिजिकल विभाग के प्राध्यापक रंजन कुमार ने खेलों में टीमवर्क और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया.

रस्साकशी जैसी प्रतियोगिता में जीत केवल किसी एक प्रतिभागी की ताकत पर निर्भर नहीं करती. पूरी टीम के बीच तालमेल और एक-दूसरे पर भरोसा जरूरी होता है. इसी तरह खेल युवाओं को यह समझने का अवसर देते हैं कि किसी भी सामूहिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए सहयोग और अनुशासन कितना महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है.

National Sports Day 2026: स्वस्थ जीवनशैली का संकल्प

राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन का समापन केवल प्रतियोगिताओं के साथ नहीं हुआ. कार्यक्रम के अंत में छात्राध्यापकों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, अनुशासन में रहने और खेल भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया.

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में उत्साह, प्रेरणा और राष्ट्रप्रेम का माहौल बना रहा. मेजर ध्यानचंद के जीवन और खेल उपलब्धियों को याद करते हुए विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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