केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक पहलः राजीव रंजन साह

नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक पहलः राजीव रंजन साह

सहरसा . नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक पहल है. जो देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जायेगा. यह बातें भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने कही. उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं व दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. यह आरक्षण प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों तक प्रभावी रहेगा. जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है. इसके साथ ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से महिला नेतृत्व आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा. जब संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो वे ना केवल योजनाओं को अधिक प्रभावी बनायेंगी. बल्कि नई नीतियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी. इससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी व संवेदनशील बनेगा. उन्होंने कहा कि यह अधिनियम नये संसद भवन में पारित होने वाला पहला विधेयक है. जो अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है. हालांकि इसका प्रभाव अगले परिसीमन व जनगणना के बाद लागू होगा. जिससे वर्ष 2029 के आम चुनावों में इसका स्पष्ट असर देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देने वाला एक निर्णायक कदम है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते कहा कि प्रधानमंत्री का मानना रहा है कि महिला नेतृत्व का विकास ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भारत के लोकतंत्र को और मजबूत करेगा एवं विकास प्रक्रिया को अधिक समावेशी, संतुलित एवं टिकाऊ बनायेगा.

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By Dipankar Shriwastaw

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